कान फेस्टिवल में देहरादून के नवाब की फिल्म
फ्रांस के कान फिल्म फेस्टिवल में 98 देशों की फिल्मों के साथ उत्तराखंड की राजधानी देहरादून निवासी शमास नवाब सिद्दीकी की शॉर्ट फिल्म भी दिखाई जाएगी।
फेस्टिवल के लिए भारत से दो ही शॉर्ट फिल्म चुनी गई हैं, इसमें से एक शमास की ‘मियां कल आना’ है। फिल्म के प्रोड्यूसर अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी और दून के सुधीर विंडलास हैं। शमास अभिनेता नवाजुद्दीन के छोटे भाई हैं।
शमास ने बताया कि 13 से 24 मई तक कान में होने वाले फिल्म फेस्टिवल के लिए हमारी फिल्म का चुना जाना बड़ी बात है। यह शॉर्ट फिल्म साढ़े सत्रह मिनट की है, जिसकी शूटिंग दिल्ली और मुजफ्फरनगर में की गई है।
फिल्म के माध्यम से महिलाओं की लाचारी को दर्शाया गया है। बताया कि इस बार कान फिल्म फेस्टिवल में भारत से चार ही फिल्में चुनी गई हैं। इनमें दो शॉर्ट और दो फीचर फिल्में हैं।
यह है फिल्म की कहानी
‘मियां कल आना’ फिल्म एक मुस्लिम जोड़े की कहानी पर आधारित है, जो शादी के बाद हंसी-खुशी जिंदगी बिता रहे होते हैं। एक दिन अचानक उनके बीच झगड़ा होने पर पति महिला को तलाक दे देता है।
लेकिन कुछ ही दिनों में उसे अपनी गलती का एहसास होता है और वह फिर से अपनी पत्नी को पाना चाहता है। लेकिन अपने धर्म के अनुसार उसे पहले महिला का हलाला (किसी दूसरे से शादी) कराना पड़ता है। महिला की शादी किसी दूसरे व्यक्ति से होती है। लेकिन महिला की सुंदरता देख उसकी नियत बदल जाती है।
वह महिला के पहले पति को टहलाने लगता है और रोज उसके घर पहुंचने पर कहता है मियां कल आना। गुस्से में वह एक दिन उसकी (दूसरे पति) पिटाई कर देता है। आखिरकार पंचायत महिला का उससे तलाक करा देती है।
फिल्म के माध्यम से यही दिखाने का प्रयास किया गया है कि बिना गलती के महिला को इस समाज के बनाए नियमों की वजह से कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।