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Dehradun News: बिना किसी ठोस कारण मरीजों को नहीं कर सकेंगे निजी अस्पतालों में रेफर
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माई सिटी रिपोर्टर
देहरादून। अब दून अस्पताल के चिकित्सक बिना किसी ठोस कारण के मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर नहीं कर सकेंगे। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना के निर्देश पर डॉक्टरों की चार सदस्यीय विशेष टीम ऐसे मामलों पर पैनी नजर रखेगी।
डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि अभी तक शिकायत मिल रही थी कि कुछ चिकित्सक बिना किसी कारण के मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर कर रहे हैं। इससे मरीजों पर बेवजह आर्थिक बोझ पड़ रहा था। इस समस्या के निस्तारण के लिए उक्त योजना बनाई गई है। जिसके तहत यह विशेष टीम प्रत्येक 10 दिन में अस्पताल से रेफर हुए मरीजों की रिपोर्ट तैयार कर प्राचार्य को सौंपेगी। इसके बाद मरीजों को रेफर करने के कारणों की बारीकी से जांच की जाएगी। यदि मरीजों को रेफर करने का कोई ठोस कारण नहीं पाया गया तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। इस विशेष टीम में स्त्रीरोग विभागाध्यक्ष डॉ. चित्रा जोशी, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. नारायणजीत सिंह, ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. भावना पंत, सर्जरी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर मोहित गोयल को शामिल किया है।
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दून अस्पताल में दलालों पर भी लगेगा अंकुश
दून अस्पताल में तमाम ऐसे दलालों के गिरोह सक्रिय हैं जो गंभीर मरीजों के परिजनों को इस बात का झांसा देते हैं कि उनके मरीज का इलाज दून अस्पताल में संभव नहीं है। यदि यहां इलाज कराया गया तो परेशानियां दूर होने के बजाय बढ़ सकती हैं। इतना ही नहीं दलाल मरीजों, तीमारदारों को इस बात का भी झांसा देते हैं कि उनके पास ऐसे अस्पताल और विशेषज्ञ डॉक्टर हैं जहां इलाज की पूरी व्यवस्था है। मरीजों और तीमारदारों को झांसा देकर दलाल उन्हें निजी अस्पतालों में भर्ती कराते हैं। इसके बदले में उन्हें मोटा कमीशन मिलता है। यह टीम ऐसे दलालों पर भी अंकुश लगाएगी।
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देहरादून। अब दून अस्पताल के चिकित्सक बिना किसी ठोस कारण के मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर नहीं कर सकेंगे। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना के निर्देश पर डॉक्टरों की चार सदस्यीय विशेष टीम ऐसे मामलों पर पैनी नजर रखेगी।
डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि अभी तक शिकायत मिल रही थी कि कुछ चिकित्सक बिना किसी कारण के मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर कर रहे हैं। इससे मरीजों पर बेवजह आर्थिक बोझ पड़ रहा था। इस समस्या के निस्तारण के लिए उक्त योजना बनाई गई है। जिसके तहत यह विशेष टीम प्रत्येक 10 दिन में अस्पताल से रेफर हुए मरीजों की रिपोर्ट तैयार कर प्राचार्य को सौंपेगी। इसके बाद मरीजों को रेफर करने के कारणों की बारीकी से जांच की जाएगी। यदि मरीजों को रेफर करने का कोई ठोस कारण नहीं पाया गया तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। इस विशेष टीम में स्त्रीरोग विभागाध्यक्ष डॉ. चित्रा जोशी, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. नारायणजीत सिंह, ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. भावना पंत, सर्जरी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर मोहित गोयल को शामिल किया है।
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दून अस्पताल में दलालों पर भी लगेगा अंकुश
दून अस्पताल में तमाम ऐसे दलालों के गिरोह सक्रिय हैं जो गंभीर मरीजों के परिजनों को इस बात का झांसा देते हैं कि उनके मरीज का इलाज दून अस्पताल में संभव नहीं है। यदि यहां इलाज कराया गया तो परेशानियां दूर होने के बजाय बढ़ सकती हैं। इतना ही नहीं दलाल मरीजों, तीमारदारों को इस बात का भी झांसा देते हैं कि उनके पास ऐसे अस्पताल और विशेषज्ञ डॉक्टर हैं जहां इलाज की पूरी व्यवस्था है। मरीजों और तीमारदारों को झांसा देकर दलाल उन्हें निजी अस्पतालों में भर्ती कराते हैं। इसके बदले में उन्हें मोटा कमीशन मिलता है। यह टीम ऐसे दलालों पर भी अंकुश लगाएगी।