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मसूरी : राज्य आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र पंवार का निधन
Thu, 21 May 2020 01:21 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मसूरी
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मसूरी
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 21 May 2020 01:21 PM IST
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rajendra panwar
- फोटो : amar ujala
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राज्य आंदोलन के अग्रणी नेता स्व. हुकुम सिंह पंवार के पुत्र और दो सितंबर 1994 के झूलाघर गोलीकांड में तत्कालीन समय में राज्य आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले 58 वर्षीय वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र पंवार का बीती रात्रि ह्रदयगति रूकने से देहांत हो गया। उनका निधन का समाचार सुनते ही समूचा शहर शोक में डूब गया।
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एडवोकेट पंवार अपने पीछे मां, पत्नी-बेटा व भरापूरा परिवार छोडकर चले गए। देर शाम को अचानक उनके सीने में दर्द हुआ। उन्हें कम्युनिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां रात लगभग आठ बजे अंतिम सांस ली। राजेंद्र सिंह पवार के अंतिम यात्रा में मसूरी के कई लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शामिल हुए। आज उनका अंतिम संस्कार हरिद्वार में किया गया।
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राजेंद्र पंवार और उनके परिवार की भूमिका पृथक राज्य गठन में अहम रही है। उत्तराखंड क्रांति दल का अनौपचारिक गठन भी उनके पिता स्व. हुकुम सिंह पंवार की मौजूदगी में होटल अनुपम में हुआ था। स्व. हुकुम सिंह पंवार ने उत्तराखंड संघर्ष समिति और मसूरी नागरिक समिति के तले आंदोलन को नेतृत्व दिया।
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दो सितंबर 1994 को स्व. हुकुम सिंह पंवार को झूलाघर से बरेली जेल ले जाया गया। उनके साथ 47 अन्य लोग भी थे। इधर उनके पुत्र राजेंद्र पंवार आंदोलन के मोर्चे पर डटे गए। राजेंद्र पंवार को झूलाघर पर पुलिस की गोली लगी और वे बुरी तरह घायल हो गए। स्थिति यहां तक पहुचं गयी कि उन्हें एम्स दिल्ली ले जाना पड़ा। उनकी आवाज कई सालों बाद लौटी। राजेंद्र पंवार का निधन प्रदेश के लिए भी अपूरणीय क्षति है। उनके निधन पर शहरवासियों ने शोक व्यक्त किया।