कोटद्वार पहुंचा कोर्ट के बाहर से किडनैप हुआ हत्यारोपी, हकीकत जान हैरानी में पड़ी पुलिस
कोटद्वार के सिमलचौड़ स्थित कोर्ट के बाहर से हुए सुरेंद्र सिंह नेगी उर्फ सूरी अपहरण कांड की हकीकत गुरुवार शाम को सामने आ गई। वह देर शाम अपने वकील अरविंद वर्मा के गोविंदनगर स्थित दफ्तर पहुंच गया।
वहां उसने बताया कि उसका अपहरण नहीं हुआ, बल्कि उसे एसटीएफ पूछताछ के लिए उठाकर ले गई थी। अलबत्ता, उसने यह नहीं बताया कि उसे किस केस के सिलसिले में उठाया गया और उससे क्या पूछताछ हुई, जिससे कथित अपहरण और रहस्यमय बन गया है।
सतपुली के निकट गोकुल गांव निवासी सुरेंद्र सिंह नेगी उर्फ सूरी 22 मार्च, 2015 में हुए प्रापर्टी कारोबारी और हिंदूवादी नेता सुमित हत्याकांड के सिलसिले में गत बुधवार को सिमलचौड़ एडीजे कोर्ट में पेशी पर आया था।
यहां कोर्ट के बाहर से उसे चार युवक कार में बिठाकर ले गए थे। तब उसके अधिवक्ताओं ने उसके अपहरण की सूचना कोतवाली पुलिस को दी थी। घटना के अगले दिन ही बृहस्पतिवार देर शाम करीब सवा छह बजे सूरी एक बाइक सवार के पीछे बैठकर सीधे गोविंदनगर स्थित अपने वकील अरविंद वर्मा के दफ्तर पहुंचा।
एसटीएफ द्वारा उठाकर ले जाने की बात बताई
यहां सूरी ने उसे मेरठ की एसटीएफ द्वारा उठाकर ले जाने की बात बताई। उसने बताया कि एसटीएफ ने उससे सामान्य पूछताछ की। एसटीएफ के अधिकारियों ने उसके हाल निवास के बारे में पड़ताल की और बृहस्पतिवार दिन में मेरठ में छोड़ दिया।
पत्रकारों से बातचीत करने से पहले सूरी अपने वकील से बात कर चुका था। बताया जा रहा है कि पत्रकारों को केवल उतनी बात बताई गई, जितना उसे बताने को कहा गया था।
उधर, सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर उसे यूपी की नहीं, बल्कि उत्तराखंड एसटीएफ के अधिकारी उठा ले गए थे। उसे कोटद्वार के आसपास के क्षेत्र में ही पूछताछ कर कौड़िया चेक पोस्ट पर छोड़ दिया गया।
सूत्रों ने तो यहां तक बताया कि पूछताछ कोटद्वार के सुशील रघुवंशी हत्याकांड के संदर्भ में ही हुई है। संभवत: इस बात की जानकारी कोटद्वार और पौड़ी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी पता थी। यही वजह रही कि सूरी के अपहरण की सूचना के बाद भी पुलिस ज्यादा सक्रिय नहीं दिखी।