{"_id":"5b7d0d4342c792463f793de3","slug":"msvh-student-has-question-on-child-commission-investigation","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमएसवीएच के छात्रों ने बाल आयोग की जांच पर उठाया सवाल, जांच निष्पक्ष है तो कसमें क्यों दिलाई? ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमएसवीएच के छात्रों ने बाल आयोग की जांच पर उठाया सवाल, जांच निष्पक्ष है तो कसमें क्यों दिलाई?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 22 Aug 2018 12:53 PM IST
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एमएसवीएच में छात्रों से बात करतीं मंत्री रेखा आर्य
- फोटो : amar ujala
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एमएसवीएच के छात्रों ने बाल आयोग की जांच पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाल आयोग के सदस्यों का छात्राओं के बयान लेने का तरीका गलत था। आयोग की अध्यक्ष ने छात्राओं को कसमें दिलाई और कहा कि वे अपनी अंतरात्मा से पूछकर ही इन आरोपों को दोहराएं।
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छात्रों के सवाल थे कि क्या बाल आयोग को छात्राओं की बातों पर संदेह था? क्या इतने गंभीर आरोप कोई लड़की इस तरह लगा सकती है? यदि संदेह नहीं था तो बाल आयोग की अध्यक्ष ने कसमें दिलाकर क्यों बयान दर्ज कराए। मंत्री छात्रों के इन सवालों के जवाब भी नहीं दे पाईं। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि बाल आयोग और बाल कल्याण समिति पूरे प्रयास कर रही है कि छात्राओं को न्याय मिले, यदि ऐसी बात है तो इसे भी दिखवाया जाएगा। इसके बाद छात्रों ने बाल कल्याण समिति पर भी आरोप मढ़ डाले। कहा कि समिति के सदस्यों ने छात्राओं पर बयान बदलने का भी दबाव बनाया। इस पर छात्राओं ने इंकार कर दिया। मंत्री इस बात पर हतप्रभ रह गईं। उन्होंने कहा कि बाल कल्याण समिति की जिलाध्यक्ष कविता शर्मा की तहरीर पर ही मुकदमा दर्ज हुआ है तो फिर कोई और इस बात को कैसे कह सकता है।
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व्यवस्थाओं को समझती रहीं मंत्री
मंत्री रेखा आर्या पहले तो छात्रों से बात कर संस्थान की व्यवस्थाओं को ही समझती रहीं। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे इस संस्थान के बारे में ज्यादा नहीं जानती हैं। उन्होंने शिक्षकों और प्रधानाचार्य व अन्य स्टाफ के बारे में भी जानकारी ली। व्यवस्थाओं में कोई खामी है तो वे इसका जिक्र भी केंद्रीय मंत्री से करेंगी। हालांकि, अभी उनकी तबीयत खराब है, लिहाजा उनसे बात नहीं हो पा रही है।
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प्रिंसिपल पर मारपीट का आरोप
छात्रों ने मंत्री रेखा आर्या के सामने पूरी बेबाकी से सब बातें कहीं। उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल का व्यवहार भी उनके प्रति ठीक नहीं है। प्रिंसिपल से जब वे किसी बारे में बात करते हैं तो वे मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। एक छात्र ने बताया कि प्रिंसिपल नेत्रहीन हैं। उसने कहा कि वे किसी की बात पर भी गुस्सा हो जाते हैं। छात्र का आरोप है कि प्रिंसिपल ने उनसे कई बार मारपीट की है।
पुलिस ने हासिल की सीसीटीवी कैमरों की फुटेज
शिक्षक के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच को पुलिस ने भी साक्ष्य संकलन तेज कर दिया है। मंगलवार को डीएसपी जया बलोनी के नेतृत्व में मुकदमे की विवेचना अधिकारी ने वहां से कई साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने संस्थान के विभिन्न सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी हासिल की। इस दौरान छात्र-छात्राओं के बयानों के अलावा अन्य स्टाफ के भी बयान पुलिस ने दर्ज किए। पुलिस के अनुसार सभी साक्ष्यों का संकलन करने के बाद ही आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी की जाएगी।
बता दें कि पुलिस ने सोमवार को संस्थान की चार छात्राओं के मजिस्ट्रेटी बयान कराए थे। पुलिस के अनुसार कुछ और छात्र-छात्राओं के भी मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराए जाने हैं। हालांकि, इससे पहले पुलिस अन्य साक्ष्यों का संकलन करना चाहती है। इसके लिए पूरे प्रकरण की जांच कर रही सीओ डालनवाला जया बलोनी और विवेचना अधिकारी विनीता चौहान संस्थान पहुंची थीं। सीओ जया बलोनी ने बताया कि संस्थान में मंगलवार को भी कुछ छात्र-छात्राओं के बयान दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा संस्थान के विभिन्न विभागों में तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों के बयान भी दर्ज कराए गए। इधर, एसओ राजपुर अरविंद चौधरी ने बताया कि मुकदमे की विवेचक ने संस्थान में लगे हुए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज लेने के लिए डीवीआर लिया है। इनसे फुटेज खंगाली जा रही हैं। लाइब्रेरी, संगीत कक्ष आदि जगहों के सीसीटीवी कैमरे इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
आटे में कीड़े, शौचालयों में गंदगी पसरी
नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर द इंपावरमेंट ऑफ पर्संस विद विजुअल डिसेबिलिटीज (एनआईईपीवीडी) में मंगलवार को जिला बाल कल्याण समिति के निरीक्षण में तमाम अव्यवस्थाएं उजागर हुई हैं। निरीक्षण में पाया गया है कि रसोई भंडार में रखे आटे में कीड़े लगे हैं। इसके अलावा वहां पेयजल की भी समुचित व्यवस्था नहीं है और शौचालय व स्नानघर भी साफ सुथरे नहीं हैं। समिति ने इन सबकी रिपोर्ट तैयार कर ली है।
बाल कल्याण समिति के निरीक्षण में छात्रों के उन आरोपों को भी बल मिला है जिनमें उन्होंने खाने की गुणवत्ता ठीक नहीं होने की बात कही थी। जबकि डायरेक्टर अनुराधा डालमिया ने सभी आरोपों को निराधार बताया था। मंगलवार को समिति की अध्यक्ष कविता शर्मा ने अपनी टीम के साथ रसोई भंडार गृह, शौचालय परिसर, कैंटीन आदि का निरीक्षण किया। कविता शर्मा ने बताया कि निरीक्षण में छात्रों के अधिकतर आरोपों की पुष्टि हुई है। भंडार गृह में रखे आटे में कीड़े लग चुके हैं। शौचालयों और बाथरूम में गंदगी पसरी है। पेयजल की भी व्यवस्था दुरुस्त नहीं हैं। संख्या के हिसाब से पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। जबकि इस बारे में निदेशक का कहना था कि परिसर में 20 आरओ सिस्टम लगे हुए हैं।
छात्रों ने जिला बाल कल्याण समिति की टीम को घेरा
निरीक्षण करने पहुंचीं जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष कविता शर्मा को छात्रों ने घेर लिया। आक्रोशित छात्रों ने अध्यक्ष से एफआईआर की कॉपी मांगी। छात्रोें ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज होने के तीन दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और यहां छात्रों का तमाशा बन गया है। बता दें कि 18 अगस्त को कविता शर्मा ने छात्रों से मामले में जानकारी मांगी थी। इसके बाद रात में ही आरोपी टीचर के विरुद्ध राजपुर थाने में एफआईआर दर्ज करा दी गई थी। इसके बाद से वहां बाल आयोग और जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष और सदस्यों का आना जाना लगा है। सभी लोग अपने स्तर से छात्र और छात्राओं से जानकारी जुटा रहे हैं।
मंगलवार को कविता शर्मा पुलिसकर्मियों के साथ संस्थान का निरीक्षण करने पहुंची थी। वे जैसे ही प्रशासनिक भवन के पास पहुंचीं तो वहां खड़े छात्रों ने उन्हें घेर लिया। छात्रों ने कहा कि उन्हें अब तक एफआईआर की कॉपी नहीं मिली है। उन्हें यह कॉपी जल्द उपलब्ध कराई जाए। छात्रों का आरोप है कि वे बाल आयोग और जिला बाल कल्याण समिति के रवैये से नाराज हैं। उधर इस मामले में कविता शर्मा का कहना है कि छात्रों से एफआईआर दर्ज होने के बाद जब बात की गई तो उन्होंने प्रदर्शन बंद करने का आश्वासन दिया था, मगर अब वे प्रदर्शन बंद करने के लिए सहमत नहीं है। शर्मा का कहना है कि निदेशक को लेकर छात्रों में डर बैठ गया है। इसलिए वे उन्हें निकालने के अलावा किसी और विषय पर बात करने को राजी नहीं हैं। समिति हर तरह से छात्रों के साथ है।
केवीएस राव बने एनआईईपीवीडी के डायरेक्टर
कुमार विक्रम सिम्हा राव को एनआईईपीवीडी (पूर्व में एनआईवीएच) का डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। बताया जा रहा है कि राव को दून में तीन महीने के लिए नियुक्त किया जाएगा। वे बुधवार को कार्यभार संभाल सकते हैं। हालांकि, देर रात तक वर्तमान डायरेक्टर अनुराधा डालमिया का इस्तीफा मंजूर होने की पुष्टि नहीं हो पाई थी। विक्रम सिम्हा राव डिपार्टमेंट ऑफ इम्पॉवरमेंट ऑफ पर्सन्स विद डिसैबिलिटीज दिल्ली में डायरेक्टर हैं। इधर, मंत्री रेखा आर्या ने भी देर शाम केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलौत से बात की है। गहलौत का कहना है कि वे राज्य सरकार की रिपोर्ट पर ही कार्रवाई करेंगे।
नए डायरेक्टर की नियुक्ति को लेकर मंत्री रेखा आर्या की केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलौत से बात हो गई है, लेकिन डालमिया के इस्तीफे के बारे में उन्होंने अभी कुछ स्पष्ट नहीं किया है। गहलौत अभी अस्पताल में भर्ती हैं। मंत्री के अनुसार गहलौत ने राज्य सरकार और केंद्र से पहुंच रही टीम की रिपोर्ट पर ही कार्रवाई करने की बात कही है। बुधवार को मंत्रालय के दो अधिकारी जांच के लिए देहरादून पहुंच रहे हैं। बता दें कि छात्रों ने अपनी सभी 30 मांगों को लेकर सरकार से समय सीमा तय करने की शर्त रखी है। इसके बाद ही वे अपना प्रदर्शन समाप्त करेंगे। इधर, नए डायरेक्टर के आने के संबंध में छात्रों ने बताया कि उन्हें विभाग से ही इस बात की सूचना मिली है कि राव बुधवार को पदभार संभालेेंगे। हालांकि, उन्होंने प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा नहीं की है। छात्रों का कहना है कि जब तक अनुराधा डालमिया संस्थान से चली नहीं जाएंगी तब तक वे प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे। छात्रों के अनुसार नए डायरेक्टर से बातचीत करने के बाद ही बताया जा सकता है कि वे किस तरह से यहां की व्यवस्थाओं को बदलने में उनका साथ देंगे।