तैयार रहें, कभी भी आ धमक सकता है मानसून
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उत्तराखंड में दो दिन से हो रही बारिश के बीच मानसून के अनुकूल हालात पैदा हो गए हैं।
मौसम विभाग इस पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। उम्मीद है कि जल्द ही प्रदेश में मानसून के आने की घोषणा कर दी जाएगी। इधर, रविवार को भी प्रदेशभर में बारिश हुई। प्रदेश में दो दिनों से लगातार कई जगहों पर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने कुमाऊं मंडल में 48 घंटे तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की हुई है।
इस बीच विभाग को मानसून के कुछ संकेत मिलने शुरू हो गए हैं। मौसम विभाग के निदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि मानसून के संकेतों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। जैसे ही कुछ स्थिति साफ होगी मानसून की घोषणा कर दी जाएगी।
रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक अल्मोड़ा में 8 मिमी, बागेश्वर के कौशानी में 8.5 मिमी, जोशीमठ में 2 मिमी, चंपावत में 5 मिमी, देहरादून में 1 मिमी, टिहरी में 1.1 मिमी, हरिद्वार में 3 मिमी, नैनीताल में 10.5 मिमी, पिथौरागढ़ में 3.8 मिमी, रुद्रप्रयाग में 3 मिमी, पंतनगर में 31.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
शाम तक बूंदाबांदी के बीच देहरादून में बारिश का रिकॉर्ड 2.8 मिमी तक पहुंच गया। मुक्तेश्वर में 4.8 मिमी, टिहरी में 1.3 मिमी और पंतनगर में रविवार की शाम तक 0.6 मिमी अतिरिक्त बारिश हुई। बारिश और बूंदाबांदी के चलते तापमान भी गिरता-चढ़ता रहा।
प्रदेश में अनेक स्थानों पर सोमवार को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। राजधानी में बादल छाए रहेंगे। कुछ जगहों पर बारिश भी हो सकती है।
राजधानी में ऐसे बदली पारे की चाल
समय ----------- तापमान
5:30 बजे सुबह - 24.4
8:30 बजे सुबह - 29.9
11:30 बजे सुबह - 28
2:30 बजे दोपहर - 24.4
5:30 बजे शाम - 29
बारिश से खिले किसानों के चेहरे
शनिवार देर रात से रविवार सुबह तक झमाझम बारिश ने क्षेत्र के किसानों के चेहरे खिला दिए हैं। खेतों में नमी आने के बाद धान बुवाई की तैयारियां शुरू हो गई हैं। असिंचित क्षेत्रों में चारा बुवाई की राह आसान हो गई है। बारिश ने मौसम में ठंडक घोल दी है, जिससे मौसम भी सुहावना हो गया है।
मानसून से पहले हुई बारिश से गन्ना, धान उत्पादक किसान उत्साहित हो गए हैं। गरमी की मार झेल रही गन्ने की फसल के लिए बारिश से लाभ पहुंचेगा। अधिक गरमी से खेतों में तैयार हो रही फसल प्रभावित होने लगी थी। बारिश का सबसे अधिक लाभ धान की तैयारियों में लग रहे किसानों को मिलेगा।
धान उत्पादक किसानों को पौध तैयार करने के लिए अधिक पानी की जरूरत होती है। सिंचाई का पानी नहीं मिलने से कई बार पौध बनाने के लिए खेत तैयार नहीं हो पाता है। रविवार को हुई बारिश से खेतों में नमी आ गई है, जिससे किसान बीज लगाकर पौध की तैयारी करने लगे हैं।
झबरावाला किसान रणजोध सिंह ने बताया कि बारिश से खासकर असिंचित इलाकों को फायदा होगा। वहां चारे की फसल बोई जाएगी। दिन में झमाझम बारिश से मौसम में ठंडक रही, हालांकि दोपहर के बाद धूप निकल आई थी।