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दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तराखंड से हुई विदाई, आठ जिलों में औसत से कम ह़ुई बारिश

Mon, 01 Oct 2018 09:44 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 01 Oct 2018 09:44 PM IST
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Monsoon 2018 return from uttarakhand to 01 october
rain in dehradun

पूरे सीजन में सामान्य बारिश के साथ सोमवार को प्रदेश से मानसून विदा हो गया। इस बार मानसून के विदा होने का समय लगातार तीसरे साल पीछे हटा है। प्रदेशभर में मानसून सामान्य रहा है।

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मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि एक अक्टूबर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरे उत्तराखंड से विदाई हो गई है। मानसून में प्रदेश में औसतन 1217 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार 1195 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है।
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उन्होंने बताया कि बागेश्वर में सामान्य से 75 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। जबकि, अल्मोड़ा में सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश हुई है। देहरादून जिले में 1734 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। पांच जिलों में बारिश सामान्य से अधिक हुई है, जबकि आठ जिलों में सामान्य से कुछ कम रही है।

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आठ जिलों में औसत से कम बारिश के साथ विदा हुआ मानसून

इस वर्ष प्रदेश में मानसून ने 28 जून को दस्तक दी थी। हालांकि मानसून सीजन की शुरूआत एक जून से मानी जाती है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार एक जून से शुरू हुए मानसून सीजन में अब तक प्रदेशभर में 1192.9 मिमी बारिश हुई है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, मानसून सीजन में राज्य में औसतन 1217 मिमी बारिश होती है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के आठ जिलों में अब तक औसत से कम बारिश हुई है। वहीं, पांच जिलों में औसत से अधिक बारिश हुई है।

बड़े पैमाने पर हुआ नुकसान
इस वर्ष मानसून सीजन के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुई भारी बारिश से बड़े पैमाने पर नुकसान भी हुआ। राजधानी देहरादून समेत कई स्थानों पर अतिवृष्टि के चलते नुकसान हुआ। पहाड़ी इलाकों में कई सड़कें और रास्ते बह गए। भूस्खलन के चलते कई घर जमींदोज हुए और दर्जनों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। कई गांव खतरे की जद में आ गए।

कई जगह फटे बादल
इस दौरान कई जगह तेज बारिश से बादल फटने की घटनाएं भी हुई। राजधानी देहरादून समेत कई इलाकों में भारी बारिश से नुकसान हुआ। पहाड़ों में बादल फटने की घटनाओं से नदी-नालों में उफान और भूस्खलन के चलते नुकसान कई गुना बढ़ गया। मौसम विभाग के अनुसार, एक घंटे में 100 मिमी या उससे अधिक बारिश होने की घटना को बादल फटना कहा जाता है।
 

कितनी बारिश (मिमी में)

जिला                    सामान्य            अब तक
अल्मोड़ा                850.2            550.8
बागेश्वर                850.2            1491.8
चमोली                 851              1237.1
चंपावत                1304.1          1508.9
देहरादून                1786.6          1734
पौड़ी                    1203.2            786.6
टिहरी                  1037.7            723.9
हरिद्वार                 950.6             1224.4
नैनीताल              1427.2            1547.7
पिथौरागढ़             1669.6            1544.7
रुद्रप्रयाग              1658                1658
यूएस नगर            1105.4            770.1
उत्तरकाशी            1135.5            1112.3

प्रदेश में इस वर्ष मानसून सामान्य रहा है। पिछले लगातार तीन वर्षों से राज्य में मानसून औसत रहा है। यह ओवरऑल एक अच्छी स्थिति है। अगले कुछ दिनों में बारिश का आंकड़ा बढ़ सकता है।
बिक्रम सिंह, निदेशक, मौसम केंद्र

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