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पांच सौ वर्गमीटर वाले आवासीय भवनों के लिए एमडीडीए तैयार करेगा मॉडल मानचित्र्र,
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एमडीडीए में अब 500 वर्गमीटर तक के भूखंड के लिए मॉडल नक्शे बनाए जाएंगे। एमडीडीए की नवनियुक्त उपाध्यक्ष/डीएम सोनिका ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद अधिकारियों, इंजीनियरों की बैठक लेकर आदेश जारी किए। कहा कि यदि किसी भी मानचित्र में कोई अभिलेखीय कमी है, तो सूचना एसएमएस से संबंधित स्वामी एवं आर्किटेक्ट को भी दी जाय।
उपाध्यक्ष ने अफसरों, इंजीनियरों से कहा कि यदि मानचित्र स्वीकृत कराए गए बगैर अनाधिकृत आवासीय, व्यावसायिक निर्माण किए गए तो भवन स्वामियों के साथ ही संबंधित जोन के अधिकारी, इंजीनियर भी जिम्मेदार होंगे। उधर, उन्होंने उत्तराखंड हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट अथारिटी के साथ बैठक करते हुए इंटिग्रेटेड सिस्टम एवं डाटा शेयर के बारे में जानकारी ली और कहा कि एमडीडीए में ऐसी कार्य प्रणाली विकसित की जाए, जिससे लोगों के लिए सुविधाजनक हो। उन्होंने प्राधिकरण के स्तर पर लंबित मानचित्रों की वजह भी जानी।
अफसरों ने बताया कि ज्यादातर प्रकरणों में आर्किटेक्ट के स्तर पर भी नक्शे लंबित रहते हैं और मानचित्र एमडीडीए में ही लंबित दिखाए जाते है। इस पर उन्होंने एमडीडीए में पंजीकृत आर्किटेक्ट की बैठक बुलाकर कार्यों में तेजी लाने के साथ ही समय सीमा तय करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया, उत्तराखंड हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट अथारिटी के पीसी दुमका, वरिष्ठ वित्त अधिकारी एमडीडीए स्मृति खंडूरी आदि मौजूद थे।
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उपाध्यक्ष ने अफसरों, इंजीनियरों से कहा कि यदि मानचित्र स्वीकृत कराए गए बगैर अनाधिकृत आवासीय, व्यावसायिक निर्माण किए गए तो भवन स्वामियों के साथ ही संबंधित जोन के अधिकारी, इंजीनियर भी जिम्मेदार होंगे। उधर, उन्होंने उत्तराखंड हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट अथारिटी के साथ बैठक करते हुए इंटिग्रेटेड सिस्टम एवं डाटा शेयर के बारे में जानकारी ली और कहा कि एमडीडीए में ऐसी कार्य प्रणाली विकसित की जाए, जिससे लोगों के लिए सुविधाजनक हो। उन्होंने प्राधिकरण के स्तर पर लंबित मानचित्रों की वजह भी जानी।
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अफसरों ने बताया कि ज्यादातर प्रकरणों में आर्किटेक्ट के स्तर पर भी नक्शे लंबित रहते हैं और मानचित्र एमडीडीए में ही लंबित दिखाए जाते है। इस पर उन्होंने एमडीडीए में पंजीकृत आर्किटेक्ट की बैठक बुलाकर कार्यों में तेजी लाने के साथ ही समय सीमा तय करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया, उत्तराखंड हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट अथारिटी के पीसी दुमका, वरिष्ठ वित्त अधिकारी एमडीडीए स्मृति खंडूरी आदि मौजूद थे।
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