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जब कोर्ट ने फैसले के सामने नहीं चली तो बदल गए विधायकों के सुर

Sat, 15 Sep 2018 11:49 AM IST
सुनीत द्विवेदी, अमर उजाला, देहरादून
सुनीत द्विवेदी, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 15 Sep 2018 11:49 AM IST
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MLAs kneel before court Decision on encroachment collapse in dehradun
encroachment

बीती 16 जुलाई को शहर के चार विधायकों ने प्रेमनगर बाजार में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का विरोध करते हुए विधायकी तक छोड़ने की चेतावनी दी थी, लेकिन शुक्रवार ये नेता कहीं नजर नहीं आए। अभियान को रुकवाने के लिए स्थानीय व्यापारी लगातार विधायकों से संपर्क करने का प्रयास करते रहे, लेकिन सिर्फ कैंट विधायक ही कुछ देर के लिए पहुंचे। हर हाल में जनता का साथ देने का वादा करने वाले इन विधायकों के सुर अब पूरी तरह बदल गए हैं। 

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राजपुर रोड के विधायक खजानदास, रायपुर विधायक उमेश शर्मा, कैंट विधायक हरबंस कपूर और मसूरी विधायक गणेश जोशी ने 16 जुलाई को प्रेमनगर में अतिक्रमण टूटने पर अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी करते हुए कहा था कि विधायकी जाती है तो जाए, वे जनता के साथ हैं। शुक्रवार को प्रशासनिक टीम के मौके पर पहुंचते ही व्यापारी व अन्य लोग विधायकों से संपर्क की कोशिश में जुट गए। लेकिन, किसी भी विधायक का न तो फोन उठा और न ही बाद में ही किसी का फोन आया।
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विधायकों के स्टाफ से व्यापारियों ने बात की तो वे व्यस्तता की बात कहते रहे। ऐसे में लोगों में काफी आक्रोश दिखाई दिया। उनका आरोप था कि दो महीने पहले जनता के लिए अपनी विधायकी को दांव पर लगाने का दावा करने वाले विधायक जरूरत के समय गायब हो गए। हालांकि कैंट विधायक हरबंस कपूर कुछ देर के लिए वहां पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने इन विधायकों को अभियान से दूर रहने के निर्देश दिए थे। 
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बदले विधायकों के सुर 
उमेश शर्मा काऊ, रायपुर विधायक 
तब - पहले प्रेमनगर के व्यापारियों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाए, इसके बाद ही अतिक्रमण तोड़ा जाए। ताकि उनके सामने आर्थिक संकट पैदा न हो। 
अब - पिछली बार कैंट और मसूरी विधायक ने मुझे बुलाया तो मैं पहुंच गया था। इस बार उनका फोन नहीं आया। वैसे भी प्रेमनगर मेरे विधानसभा क्षेत्र में नहीं है। 

हरबंस कपूर, कैंट विधायक 
तब- हम मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से वार्ता कर प्रेमनगर के व्यापारियों को राहत देने की मांग करेंगे। अतिक्रमण के नाम पर उन्हें उजड़ने नहीं दिया जाएगा। 
अब - मैं वहां लोगों से मिलने गया था। हाईकोर्ट का आदेश का पालन होना चाहिए। मैंने जिलाधिकारी से वार्ता कर पीड़ितों के विस्थापन की बात कही है। जिससे उन्हें राहत मिल सके। 

खजानदास, राजपुर रोड विधायक 
तब - अतिक्रमण हटाने से पहले व्यापारियों को दूसरी जगह विस्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री से वार्ता कर व्यापारियों को राहत देने की मांग की जाएगी। 
अब - वास्तविक अतिक्रमण हरहाल में हटना चाहिए। बारिश के चलते अतिक्रमणकारियों को कुछ समय देने की मांग की गई थी। मैं तीन दिनों से रैनबाग स्थित अपने गांव में हूं।   

गणेश जोशी, मसूरी विधायक
तब - हम हमेशा जनता के साथ हैं। अधिकारी कोई भी कार्रवाई करते हैं तो उन्हें पहले हमें बताना होगा। सरकार ने इन्हें यहां बसाया है, ऐसे में इनका क्या कसूर? 

अब - मैं कल अधिकारियों के साथ मौके पर गया था। आज दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के चलते यहां आया हुआ हूं। मैंने केवल आवास में रहने वालों को राहत देने के लिए कुछ समय मांगा था, जिससे वह समय रहते अतिक्रमण हटा लें।

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