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पार्टी से निष्कासन के बाद मंत्री लेंगे फैसला
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 16 Mar 2014 09:57 AM IST
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बहुजन समाज पार्टी से निलंबित मंत्री सुरेंद्र राकेश और विधान मंडल दल के नेता हरिदास पार्टी से अब अपने निष्कासन का इंतजार कर रहे हैं।
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खुद पार्टी नहीं छोड़ रहे
उनका कहना है कि वह खुद पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं। पार्टी से निकाले जाने के बाद क्या फैसला लेना है वह बाद में तय करेंगे।
कांग्रेस में जाने और मुख्यमंत्री हरीश रावत के दिलासा देने के सवाल पर मंत्री सुरेंद्र राकेश ने कहा कि फिलहाल यह बाद का मुद्दा है और समय आने पर इस पर विचार करेंगे।
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उनका कहना है कि अभी तो हम बसपा में ही हैं। जब पार्टी निकालेगी तब देखा जाएगा। सुरेन्द्र राकेश ने निलंबन के पीछे प्रदेश प्रभारी रामअचल राजभर और प्रदेश अध्यक्ष मेघराज जरावरे को जिम्मेदार ठहराया।
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नहीं चाहते थे कि कोई बसपा विधायक या मंत्री बने
उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं की वजह से ही पार्टी को उत्तराखंड में नुकसान हो रहा है। चुनाव में टिकटों की बोली लगवाकर इन्होंने पार्टी को हरा दिया। ये नेता ही नहीं चाहते थे उत्तराखंड में कोई बसपा विधायक या मंत्री बने।
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हरिदास का कहना है कि वह 30 सालों से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं लेकिन आरोप लगाया गया कि उनकी गतिविधियां पार्टी और दलित समाज विरोधी हैं।
उनका कहना है कि हो सकता है कि मायावती को इस फैसले की जानकारी न हो लेकिन उनसे सीधे मुलाकात भी तो नहीं हो सकती।
हरिदास अभी भी विधान मंडल दल के नेता हैं
सुरेन्द्र राकेश का कहना है हरिदास अभी भी विधान मंडल दल के नेता हैं इसलिए तीसरे बसपा विधायक सरवत करीम अंसारी को भी इनके निर्देश मानने होंगे।
सुरेंद्र राकेश ने कहा उन पर समाज विरोधी होने का आरोप लगा है जबकि समाज कल्याण मंत्री रहते हुए उन्होंने कई नई योजनाएं शुरू की और पुरानी योजनाओं को गति दी है जो उत्तर प्रदेश में मायावती के शासनकाल में भी नहीं हुईं।