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उत्तराखंड का सेना से है अटूट नाता: राज्य रक्षा मंत्री
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 27 Nov 2016 12:24 AM IST
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शहीदों के परिजनों को सम्मानित करते सुभाष भामरे
- फोटो : AmarUjala
रक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष भामरे ने कहा कि उत्तराखंड और सेना का अटूट नाता रहा है। सेना में उत्तराखंड से सबसे ज्यादा जवान तैनात हैं, जो सरहदों पर हमारी रक्षा कर रहे हैं। एक्स सर्विसमैन भी यहां ज्यादा हैं। सैनिकों और एक्स सर्विसमैन के जितने भी मसले हैं, उन्हें सुलझाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। सबसे ज्यादा ओआरओपी का मसला है। 40 वर्ष से लंबित इस मसले पर प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री गंभीर हैं।
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डॉ. भामरे ने शनिवार शाम ओएनजीसी के घोष ऑडिटोरियम में आयोजित ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में शहीद सैनिकों के परिवारों को सम्मानित करने के बाद यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि ओआरओपी पर पहले की किसी सरकारों ने कुछ भी नहीं किया। वर्तमान सरकार ने ओआरओपी लागू किया।
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उन्होंने कहा कि उसमें थोड़ी खामियां हो सकती हैं, इसीलिए जस्टिस रेड्डी कमेटी बनाई गई है। 15 दिन पहले जस्टिस रेड्डी की कमेटी ने सरकार के सामने सिफारिशें रख दी हैं, जो सरकार के विचाराधीन हैं। रक्षा राज्य मंत्री ने विश्वास दिलाया कि ओआरओपी में जो भी कुछ कमियां हैं वह दूर की जाएंगी।
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पहले बंधे थे फोर्सेज के हाथ
डॉ. भामरे ने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय हमारे आर्मी और फोर्सेज के हाथ बंधे थे। हमारे प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने कह दिया कि अगर दुश्मन सामने हथियार लेकर आता है तो खुद शहीद होने से पहले दुश्मन को मार गिराओ। अगर किसी ने गलत जुर्रत की तो हम घर में घुसकर मारने की भी हिम्मत रखते हैं।