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Dehradun News: प्रदेश के हर थाने में तैनात होंगे दो-दो साइबर कमांडो

Thu, 20 Nov 2025 09:04 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 20 Nov 2025 09:04 PM IST
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Minister Maharaj also got addicted to making reels: Harak Singh
- शुरुआती चरण में गृह विभाग ने करीब 350 कर्मचारियों को साइबर कमांडो की ट्रेनिंग कराने के दिए निर्देश
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- ये कर्मचारी साइबर फोरेंसिक साक्ष्य संकलन में भी करेंगे मदद, फोरेंसिक पर अधिक ध्यान देने को भी कहा

माई सिटी रिपोर्टर

देहरादून। प्रदेश के सभी 166 थानों में दो-दो साइबर कमांडो तैनात किए जाएंगे। पुलिस के ये कमांडो न सिर्फ जांच में सहयोग करेंगे बल्कि अपराध के बाद साइबर फोरेंसिक के लिए साक्ष्य संकलन का काम भी करेंगे। गृह विभाग ने शुरुआती चरण में ऐसे 350 पुलिस कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश पुलिस मुख्यालय को दिए हैं।



साइबर सुरक्षा की दिशा में सरकार बीते 10 सालों से लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में 2015 में प्रदेश का सबसे पहला साइबर थाना देहरादून में खोला गया था। वर्तमान में साइबर अपराध की बढ़ती दर को देखते हुए कई और कदम भी उठाए जा रहे हैं। इनमें तीन साल पहले पुलिस ने साइबर कमांडो तैयार करने की योजना पर काम किया था। इसमें 100 कमांडो साइबर थानों और साइबर सेल्स में तैनात किए जाने थे। इनमें से कई को ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। पिछले दिनों गृह विभाग ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर इनकी संख्या में बढ़ोतरी करने के निर्देश दिए। इसके लिए सिर्फ साइबर थाने और साइबर सेल नहीं बल्कि सामान्य थानों में भी साइबर कमांडो तैनात करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
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इसके लिए गृह विभाग ने पहले चरण में कम से कम 350 पुलिसकर्मियों को साइबर कमांडो की ट्रेनिंग दिलाने को कहा है। ताकि, साइबर अपराधों की जांच गंभीरता से की जा सके। गृह विभाग के अनुसार साइबर अपराध में फोरेंसिक जांच के लिए तत्काल साक्ष्य संकलन भी बेहद चुनौतीपूर्ण रहता है। इसके लिए या तो एक्सपर्ट को बुलाया जाता है या फिर साइबर थानों से फोर्स को बुलाया जाता है। ऐसे में यदि सभी थानों में साइबर कमांडो होंगे तो साक्ष्य संकलन जल्दी और बेहतर तरीके से हो सकेगा। इसके बाद फोरेंसिक जांच में भी गुणवत्ता नजर आएगी।
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आईटी बैकग्राउंड के कर्मचारियों को मिलेगी वरीयता

साइबर कमांडो ट्रेनिंग के लिए ऐसे कर्मचारियों को वरियता दी जाएगी जो कि आईटी बैकग्राउंड हैं। इससे पहले भी स्वेच्छा से पुलिस ने साइबर कमांडो के लिए ऐसे ही कर्मचारियों के आवेदन मांगे थे। राष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रतियोगिता में प्रदेश के तीन कर्मचारियों ने टॉप 10 साइबर कमांडो की सूची में जगह बनाई थी। वर्तमान में साइबर थानों में ये साइबर कमांडो काम कर रहे हैं। ये सभी इस वक्त विभिन्न महत्वपूर्ण जांच में सहयोग भी कर रहे हैं।


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पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर साइबर फोरेंसिक और साइबर अपराध की जांच पर अधिक फोकस करने के लिए कहा गया था। सभी थानों में कम से कम दो-दो साइबर कमांडो तैनात करने पर काम किया जा रहा है। इसके लिए ट्रेनिंग कराने के लिए भी कहा गया है। शुरुआती चरण में कम से कम 350 साइबर कमांडो के लिए ट्रेनिंग कर्मचारियों को दिए जाने की योजना है। - शैलेश बगौली, गृह सचिव
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