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हिमालय में है औषधीय पौधों की भरमार
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 23 Mar 2014 03:22 PM IST
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दून विवि में औषधीय पौधों पर चल रहे तीन दिवसीय सेमिनार में हिमालय में औषधीय पौधों पर विशेषज्ञों ने अपने शोध पेश किए।
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औषधीय पौधों व रासायनिक तत्वों की जानकारी
विशेषज्ञों ने बताया कि हिमालय में आज भी औषधीय पौधों की भरमार है। शनिवार को सेमिनार के तकनीकी सत्र में डॉ. इंद्र दत्त भट्ट ने हिमालय मे उग रही विभिन्न औषधीय पौधों व उनके रासायनिक तत्वों की जानकारी दी।
उन्होंने इन रसायनों से पर्यावरण पर पड़ रहे प्रभावों की जानकारी दी। इसके अलावा डॉ. टी शेखर, शैफाली गोयल ने इस विषय पर अब तक दिए गए अध्ययनों की जानकारी दी।
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दिल्ली विवि के डॉ. एसबी बब्बर, नेहा शर्मा, निधि गुप्ता ने औषधीय पौधे के जेनेटिक अध्ययन की जानकारी दी। अध्यक्षता प्रो. एआर नौटियाल व सह अध्यक्षता डॉ. पीबी सेन के साथ एस रे प्रभु ने की।
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किसानों ने अपने अनुभव बांटे
इसमें कृषकों के लिए विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इसमें चमोली, उत्तरकाशी व टिहरी के लगभग दो दर्जन किसानों ने अपने अनुभव भी बांटे।
देवाल से आए कैप्टन केदार सिंह बिष्ट ने विपणन की सुविधा को लेकर हो रही असुविधा की समस्या भी रखी। उन्होंने कैलधारी के गांवों में जड़ी-बूटी के कृषिकरण की जानकारी दी।
इस अवसर पर डॉ. कुसुम अरूणाचलम, प्रो. जेके शर्मा, शिव नागर विवि एवं अन्य संस्थानों से आए छात्र मौजूद रहे।