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महंगाई के जमाने में नहीं भाए सस्ते फ्लैट
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 01 Jan 2014 12:49 PM IST
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एमडीडीए के फ्लैट देहरादून के लोगों को भा नहीं रहे हैं। 560 फ्लैटों के लिए महज डेढ़ हजार आवेदन इसके गवाह हैं। इन भवनों के लिए नौ हजार लोगों ने फॉर्म खरीदे थे।
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आवेदनों की सटीक संख्या नहीं
देर रात तक एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक में फॉर्मों की गिनती के चलते आवेदनों की सटीक संख्या नहीं मिल सकी। एक दशक के बाद एमडीडीए ने गांधी जयंती पर आवासीय योजना लांच की थी। इसको लेकर खूब प्रचार-प्रसार भी किया गया।
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प्रदेश के चार बैंकों को फॉर्म बेचने की जिम्मेदारी सौंपी गई ताकि लोगों को दिक्कत न हो। लगभग तीन माह में नौ हजार से अधिक लोगों ने एमडीडीए के फ्लैट खरीदने के लिए फॉर्म खरीदे लेकिन महज डेढ़ हजार लोगों ने ही आवेदन बैंकों में जमा किए।
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इसमें से आईडीबीआई और एक्सिस बैंक में महज 307 फॉर्म जमा हुए हैं। इसके अलावा एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक में फार्म जमा किए गए हैं।
शर्तों से घट गई रुचि
एमडीडीए की ओर से इतनी अधिक शर्तें जोड़ दी गई थी कि लोगों ने फॉर्म तो खरीद लिया लेकिन जमा नहीं कर पाए। एलआईजी फ्लैट के लिए अधिकतम आय दो लाख रुपए रखी गई थी।
इसके लिए फॉर्म के साथ आय प्रमाणपत्र भी जमा करना था। साथ ही एचआईजी की कीमत 32 लाख रुपए तय की गई थी। इसकी कीमत मध्यम वर्ग के लिए अधिक थी, जिसके कारण यह तबका किसी भी श्रेणी में फॉर्म जमा नहीं कर पाया। यही कारण रहा कि एमडीडीए के फ्लैटों में लोगों की रुचि कम रही।