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शहीदों हम शर्मिंदा हैं, तुम्हारे कातिल जिंदा हैं
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देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के सदस्यों ने मुजफ्फरनगर कांड के 25वीं बरसी धिक्कार दिवस के रूप में मनाई। मंच से जुड़ेे अंादोलनकारियों ने शहीद स्थल पर शहीदों हम शर्मिंदा, हैं तुम्हारे कातिल जिंदा हैं, जैसे नारे लगाते हुए शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके अलावा आंदोलनकारियों ने न्याय व्यवस्था और सरकारों की उपेक्षा से नाराजगी जताते हुए धरना भी दिया।
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के जिला अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने कहा कि वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूरी ने शहीदों के परिजनों, माता या पिता के लिए सम्मान पेंशन का शासनादेश जारी किया था। लेकिन आज तक किसी को भी पेंशन जारी नहीं हुई। पिछले वर्ष स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने भी पेंशन की पुन: व्यवस्था की मांग की गई थी, लेकिन आज तक अमल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि आज तक शहीदों और महिलाओं का अपमान करने वालों को कोई सजा नहीं मिल पाई है। जिससे सभी के मन में आक्रोश है। इस मसले पर 13 अक्टूबर को बैठक कर आगे की रणनीति तय करने का निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान सुशीला बलूनी, रविंद्र जुगरान, सुरेंद्र कुमार, जगमोहन नेगी, रामलाल खंडूरी, निर्मला बिष्ट, कमला कंडारी, सुलोचना भट़ट, जयदीप सकलानी, सुरेंद्र सजवाण, अजय डबराल, मोहन खत्री, रणवीर सिंह लिंगवाल, जीतपाल बर्त्वाल सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद रहे।
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उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के जिला अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने कहा कि वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूरी ने शहीदों के परिजनों, माता या पिता के लिए सम्मान पेंशन का शासनादेश जारी किया था। लेकिन आज तक किसी को भी पेंशन जारी नहीं हुई। पिछले वर्ष स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने भी पेंशन की पुन: व्यवस्था की मांग की गई थी, लेकिन आज तक अमल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि आज तक शहीदों और महिलाओं का अपमान करने वालों को कोई सजा नहीं मिल पाई है। जिससे सभी के मन में आक्रोश है। इस मसले पर 13 अक्टूबर को बैठक कर आगे की रणनीति तय करने का निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान सुशीला बलूनी, रविंद्र जुगरान, सुरेंद्र कुमार, जगमोहन नेगी, रामलाल खंडूरी, निर्मला बिष्ट, कमला कंडारी, सुलोचना भट़ट, जयदीप सकलानी, सुरेंद्र सजवाण, अजय डबराल, मोहन खत्री, रणवीर सिंह लिंगवाल, जीतपाल बर्त्वाल सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद रहे।
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