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खीम सिंह बोरा के पास मिला माओवादी साहित्य, कोड में बताए नाम को लेकर बढ़ी पुलिस की टेंशन

Fri, 19 Jul 2019 09:20 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 19 Jul 2019 09:20 PM IST
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Maoist literature caught from kheem singh Bora police got Many clue about supporters
खीम सिंह - फोटो : फाइल फोटो

50 हजार के इनामी खीम सिंह बोरा के पास गिरफ्तारी के दौरान एटीएस को काफी संख्या में माओवादी साहित्य भी बरामद हुआ है। 1984 से किसान और छात्र आंदोलनों में शामिल होने के बाद 2003 से माओवाद में सक्रिय होने वाला खीम सिंह बोरा किसी भी स्थिति और जगह में माओवादी विचारधारा का प्रचार- प्रसार करने से नहीं चूकता था।

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उसके हर आंदोलन का पूरा ब्योरा भी हमेशा उसके पास उपलब्ध रहता था। चार दिन पहले यूपी एटीएस ने जब बोरा को गिरफ्तार किया तो उसके पास से नौ पंफ्लेट, संगठन की विचारधारा को प्रचारित-प्रसारित करने वाली चार पत्रिकाएं बरामद कीं।
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ये पंफ्लेट हुए बरामद
काले कानूनों से बिंसर जंगल कब्जाया 23 मार्च 2013, संसदीय चुनाव का बहिष्कार करो, शोषण, दमन, अन्याय जायज ठहराने का चुनाव है, यह दो अप्रैल 2014, सरकार, नौकरशाह, भ्रष्ट नेताओं और बड़े ठेकेदारों के लिए आपदा बनी वरदान, जनता के लिए अभिशाप उत्तराखंड जोनल कमेटी भाकपा (माओवादी) एक जुलाई 2013, वोट का नहीं चोट का रास्ता अपनाओ क्रांतिकारी किसान संगठन एक फरवरी 2014, जनमुक्ति छापामार सेना दिवस पर शपथ लें, एक दिसंबर 2014, और जल, जंगल, जमीन व खनिज को लूटने से बचाओ 21 सितंबर, की हेडिंग लिखी गई है। इसके अलावा संगठन से संबंधित चार पत्रिकाएं भी मिलीं, जिसमें से दो मुक्तिपथ जनवरी-मार्च 2013 और दो पत्रिकाएं जनहुकुमत मुखपत्र हैं। बरामद पंफ्लेटों और साहित्य का भी एटीएस की ओर से कानूनी परीक्षण कराया जा रहा है। 

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कोड को डिकोड करना है बड़ी चुनौती 

माओवादी खीम सिंह बोरा से पूछताछ में अब तक सामने आए माओवादियों के कूट नाम की पहचान करना पुलिस, एसओटीएफ और इंटेलिजेंस के लिए बड़ी चुनौती है। वर्ष 2004 के बाद से पकड़े गए माओवादियों की ओर से अपने छह साथियों के कोड नाम बताए गए थे, जिन्हें डिकोड करने में उत्तराखंड पुलिस और खुफिया ऐजेंसी भी असमर्थ साबित हुई। 

खीम सिंह बोरा ने अपने साथियों के साथ हसपुर खत्ता नैनीताल के जंगलों में 15 दिनों तक एमसीसीआई-पीएलजीए ट्रेनिंग कैंप चलाया था, जिसमें पहले मध्य प्रदेश फिर पश्चिमी चंपारण से हथियार तैयार करने और उन्हें चलाने की ट्रेनिंग देने के लिए चार विशेषज्ञ बुलाए गए थे। जानकारी पर एसओटीएफ ने 20 दिसंबर 2017 को सितारगंज थाने में 21 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें से एसओटीएफ और पुलिस ने अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन पूछताछ में छह नाम ऐसे आए, जिनके असली चेहरों की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। खीम सिंह बोरा की गिरफ्तारी के बाद इन छह नामों के डिकोट होने के संभावना जताई जा रही है।

भाष्कर पांडे पर बढ़ाया जा सकता है इनाम
खीम सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब पांच हजार के इनामी माओवादी भाष्कर पांडे की गिरफ्तारी होनी है। 2016 में नानीसार में खोले जा रहे एक स्कूल का विरोध माओवादियों ने किया था, जिसमें अल्मोड़ा निवासी भाष्कर पांडे का नाम भी सामने आया था। भाष्कर के पास संगठन में कोई पद नहीं था लेकिन संगठन उसे एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में साहित्य आदि भेजने के लिए काम करता था। सूत्रों के अनुसार अब नैनीताल, यूएसनगर और अल्मोड़ा जिला पुलिस भाष्कर के ऊपर इनाम बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

बोरा के खिलाफ छह नामों से दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस और खुफिया तंत्र से बचने के लिए शहर के साथ ही नाम बदलने वाले खीम सिंह बोरा के खिलाफ बरेली एटीएस ने एटीएस थाना गोमतीनगर लखनऊ (यूपी) में छह नामों से मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें खीम सिंह बोरा, मैत्रेय, प्रकाश, राजन, विजय पहरु और प्रभाकर नाम शामिल हैं। 

बरेली एटीएस ने भी दर्ज कराया मुकदमा

यूपी एटीएस की ओर से गिरफ्तार किए गए 50 हजार के इनामी माओवादी खीमसिंह बोरा के खिलाफ एटीएस थाना गोमतीनगर लखनऊ (यूपी) में भी एटीएस इकाई बरेली (यूपी) ने मुकदमा दर्ज कराया है। कोर्ट से यूपी एटीएस को बोरा की पांच दिन की रिमांड भी मिल गई है। मालूम हो कि बोरा के खिलाफ यूएसनगर, अल्मोड़ा और नैनीताल जिले में मुकदमे दर्ज हैं। 

बरेली से गिरफ्तार 50 हजार के इनामी खीम सिंह बोरा को एटीएस थाना लखनऊ में पेश करने के बाद बरेली एटीएस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। एटीएस इकाई बरेली के निरीक्षक मनजीत सिंह की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा गया कि बीते 17 जुलाई को मुखबिर से बरेली एटीएस को माओवादी खीम सिंह बोरा के बरेली रेलवे स्टेशन से धनबाद (झारखंड) में आयोजित होने वाले एक सम्मेलन में जाने की सूचना मिली।

सूचना पर एटीएस ने बरेली स्टेशन में घेराबंदी कर खीम सिंह बोरा को पकड़ लिया। तलाशी में बोरा के पास से एटीएस को 315 बोर का एक तमंचा, पांच कारतूस, नौ पंफ्लेट, माओवादी आंदोलनों से जुड़ीं चार पत्रिकाएं, एक जंगल सर्वाइकल किट और कुछ दवाएं बरामद हुईं थी। बोरा यूएसनगर, नैनीताल और अल्मोड़ा जिला पुलिस का वांछित भी था, जिसके आधार पर बोरा को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एटीएस थाना गोमतीनगर लखनऊ में धारा 121ए, 120बी, 419, 420, 467, 468, 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। 

उत्तराखंड पुलिस आज कर सकती है पूछताछ 
माओवादी खीमसिंह बोरा से पूछताछ के लिए यूपी एटीएस को कोर्ट से पांच दिन की रिमांड मिली है। शनिवार को यूपी एटीएस के साथ इंटेलिजेंस, एसओटीएफ, यूएसनगर की पुलिस और एलआईयू बोरा से पूछताछ शुरू करेगी। साथ ही यूएसनगर पुलिस भी बोरा को रिमांड पर लेने के लिए वारंट बी लेने की तैयारी कर रही है। जिला पुलिस की ओर से बोरा से पूछताछ के लिए सवालों की सूची भी तैयार की गई है।

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