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Dehradun News: कई राज्य कर्मियों को एफटीए, में प्रशिक्षण दिलाने के इच्छुक
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देहरादून। कई और बाहरी राज्य हल्द्वानी स्थित फाॅरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी (एफटीए) में अपने वन कर्मियों को प्रशिक्षण दिलाने के इच्छुक हैं। इसे लेकर संबंधित राज्यों ने अकादमी को पत्र लिखा है।
फाॅरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी में वन रक्षक, वन दरोगा और रेंजर का प्रशिक्षण कोर्स संचालित किया जाता है। यहां पर मध्य प्रदेश, मिजोरम, मेघालय, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, पश्चिम बंगाल राज्यों से वन कर्मी प्रशिक्षण प्राप्त करने पहुंचते हैं। संस्थान के निदेशक व मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि बिहार और हरियाणा ने वन कर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए पत्र लिखा है। इसमें बिहार और पंजाब के डिप्टी रेंजर से रेंजर बने कर्मियों और हरियाणा के वन रक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
निदेशक ने बताया कि प्रशिक्षण कोर्स के दृष्टिगत कई कदम उठाए गए हैं, जिससे प्रशिक्षुओं को वानिकी से जुड़ी अन्य जानकारी मिल सके। परिसर में नर्सरी विकसित की गई है। फारेस्ट लैब तैयार की गई है। वन महकमे में कार्ययोजना तैयार करते समय कैसे एआई का इस्तेमाल कर सकते हैं, बताया जा रहा है। इसके अलावा विषय विशेषज्ञों के माध्यम से वन्यजीव, वनस्पतियों से जुड़ी जानकारियां भी दी जा रही हैं।
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फाॅरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी में वन रक्षक, वन दरोगा और रेंजर का प्रशिक्षण कोर्स संचालित किया जाता है। यहां पर मध्य प्रदेश, मिजोरम, मेघालय, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, पश्चिम बंगाल राज्यों से वन कर्मी प्रशिक्षण प्राप्त करने पहुंचते हैं। संस्थान के निदेशक व मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि बिहार और हरियाणा ने वन कर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए पत्र लिखा है। इसमें बिहार और पंजाब के डिप्टी रेंजर से रेंजर बने कर्मियों और हरियाणा के वन रक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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निदेशक ने बताया कि प्रशिक्षण कोर्स के दृष्टिगत कई कदम उठाए गए हैं, जिससे प्रशिक्षुओं को वानिकी से जुड़ी अन्य जानकारी मिल सके। परिसर में नर्सरी विकसित की गई है। फारेस्ट लैब तैयार की गई है। वन महकमे में कार्ययोजना तैयार करते समय कैसे एआई का इस्तेमाल कर सकते हैं, बताया जा रहा है। इसके अलावा विषय विशेषज्ञों के माध्यम से वन्यजीव, वनस्पतियों से जुड़ी जानकारियां भी दी जा रही हैं।
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