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Dehradun News: स्टोर से गायब हो गए हाथी दांत, कैसे करते होंगे जंगल की सुरक्षा

Mon, 02 Nov 2026 01:05 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 02 Nov 2026 01:05 AM IST
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Ivory has disappeared from the store, how will they protect the forest?
देहरादून। जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी का दावा करने वाला महकमा अपनी रेंज के स्टोर में रखे वन्यजीव अंगों की ही हिफाजत तक नहीं कर पा रहा है। ऐसे में जंगलों में सुरक्षा कैसे ही हो रही होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। मामले में शासन ने वन मुख्यालय से रिपोर्ट तलब की है।
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वन विभाग के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील रेंज कार्यालय होता है। यहां से सुरक्षा प्रबंध, पौधरोपण से लेकर मुकदमा दर्ज करने तक की कार्रवाई होती है। पर हालत यह है कि रेंज कार्यालय में एक दो नहीं बल्कि हाथी के पांच दांत (35 किलो के) गायब हो गए और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
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यह पहली बार नहीं है जब वन विभाग की भूमिका पर सवाल उठे हों। वर्ष-2023 में रामनगर वन प्रभाग की टीम ने एक तस्कर से रामनगर में हाथी दांत बरामद किया था, पूछताछ में उसने बताया कि कार्बेट टाइगर रिजर्व के गोजुडा चौकी में अवैध रूप से हाथी दांत रखे हैं। इस पर टीम वहां पहुंची तो हाथी दांत के दो टुकड़े और उन्हें काटने वाला पाटल बरामद हुआ था। मामले में बीट वॉचर को पकड़ा गया था। इस मामले में कई आरोपी हत्थे चढ़े थे। इस प्रकरण के बाद कार्बेट टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था में कमी की बात सामने आई थी।
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सी-17 पंजिका से दांत गायब होने का खुला राज
लैंसडौन वन प्रभाग की लालढांग रेंज कार्यालय के रेंज भंडार से हाथी दांत गायब होने का मामला सी-17 पंजिका से खुला। हुआ यूं कि जब पंजिका दर्ज विवरण और मौके पर मिलान किया गया तो 15 की जगह 10 हाथी दांत ही मिले। अधिकारियों को गायब दांतों की संख्या और उनके वजन का पता चल गया था, पर मामला दबाने की कोशिशें होती रहीं। वहीं, इस मामले में प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव नीना ग्रेवाल से पक्ष जानने का प्रयास किया गया पर उनसे संपर्क नहीं हो सका।


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मामले में प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव से रिपोर्ट मांगी गई है। जिस भी अधिकारी और कर्मचारी की लापरवाही मिलेगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम भी उठाए जाएंगे। -आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव वन
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