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Dehradun News: आईआरडीए का अधिकारी बनकर व्यक्ति से ठगे 24.65 लाख रुपये
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बंद बीमा पॉलिसी को दोबारा शुरू करने का झांसा देकर साइबर ठगों ने व्यक्ति से 24.65 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को आईआरडीए का अधिकारी बताकर फोन किया था। मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
ठगी का शिकार ज्योर्तिमठ, चमोली निवासी गणेश चंद सती हुए हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि गत 22 मार्च को उन्हें एक नंबर से कॉल आई थी। फोन करने वाले ने खुद को आईआरडीए का अधिकारी बताया। उनकी एक पॉलिसी थी जो कि बंद हो गई थी। फोन करने वाले को इस पॉलिसी का नंबर भी पता था। उसने कहा कि बजाज एलियांज इंश्योरेंस की यह पॉलिसी दोबारा शुरू हो सकती है। दोबारा शुरू करने पर उन्हें ब्याज समेत 2.10 लाख रुपये मिलेंगे। इसके लिए उसने शुरुआत में कुछ फीस के रूप में पैसे मांगे। उन्होंने यह राशि जमा कर दी। इसके बाद तमाम तरह के शुल्क और अन्य औपचारिकताओं के लिए रकम मांगी।
कुल मिलाकर गणेश चंद सती ने ठगों के खाते में 24.65 लाख रुपये जमा करा दिए। उन्होंने जब इसकी पड़ताल की तो पता चला कि आईआरडीए तो किसी से इस तरह से बात ही नहीं करती है। सीओ साइबर अंकुश मिश्रा ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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ठगी का शिकार ज्योर्तिमठ, चमोली निवासी गणेश चंद सती हुए हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि गत 22 मार्च को उन्हें एक नंबर से कॉल आई थी। फोन करने वाले ने खुद को आईआरडीए का अधिकारी बताया। उनकी एक पॉलिसी थी जो कि बंद हो गई थी। फोन करने वाले को इस पॉलिसी का नंबर भी पता था। उसने कहा कि बजाज एलियांज इंश्योरेंस की यह पॉलिसी दोबारा शुरू हो सकती है। दोबारा शुरू करने पर उन्हें ब्याज समेत 2.10 लाख रुपये मिलेंगे। इसके लिए उसने शुरुआत में कुछ फीस के रूप में पैसे मांगे। उन्होंने यह राशि जमा कर दी। इसके बाद तमाम तरह के शुल्क और अन्य औपचारिकताओं के लिए रकम मांगी।
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कुल मिलाकर गणेश चंद सती ने ठगों के खाते में 24.65 लाख रुपये जमा करा दिए। उन्होंने जब इसकी पड़ताल की तो पता चला कि आईआरडीए तो किसी से इस तरह से बात ही नहीं करती है। सीओ साइबर अंकुश मिश्रा ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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