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ओखा एक्सप्रेस के कोच में व्यक्ति ने किया चार घंटे हंगामा
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ओखा एक्सप्रेस में एक व्यक्ति ने खुद को बंद कर लिया। उसे बाहर निकालने में स्टेशन प्रबंधन और पुलिस को करीब चार घंटे का समय लगा। बाद में पता चला कि व्यक्ति डिप्रेशन में था। उसे बाहर निकालकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
जीआरपी पुलिस के अनुसार शनिवार रात करीब सात बजे ओखा दून रेलवे स्टेशन पर आई थी। सभी यात्री उतरकर चले गए। कुछ देर बाद मेंटेनेंस टीम ट्रेन को वॉशिंग लाइन में ले जाने लगे। इसी बीच एक कोच के सभी दरवाजे बंद मिले। अंदर एक व्यक्ति हंगामा कर रहा था। दरवाजा खटखटाया तो व्यक्ति तमाम तरह की बातें करने लगा। उसने कोच के अंदर तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुछ देर बाद स्टेशन अधीक्षक ने जीआरपी को बुलाया। बाहर से ही अंदर उस व्यक्ति पर पानी की बौछार की गई।
लेकिन, वह बाहर नहीं आया। इस पर जीआरपी टीम ने उस कोच का एक दरवाजा तोड़ दिया और अंदर घुसकर व्यक्ति को काबू किया। उसकी पहचान उसकी पहचान धर्म सिंह (41) निवासी नूनावाला, डोईवाला के रूप में हुई। वह हरिद्वार से ट्रेन में सवार हुआ था। पुलिस ने वहां के ग्रामप्रधान बलविंदर से संपर्क किया। इस दौरान पता लगा कि धर्म सिंह के माता-पिता और पत्नी की मौत हो गई है। उस पर अकेले दो बच्चों को पालने की जिम्मेदारी है। आर्थिक कमजोरी के चलते वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा है। यह पता लगाने पर पुलिस ने धर्म को शांत किया और रात साढ़े 12 बजे उसे घर भिजवाया।
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जीआरपी पुलिस के अनुसार शनिवार रात करीब सात बजे ओखा दून रेलवे स्टेशन पर आई थी। सभी यात्री उतरकर चले गए। कुछ देर बाद मेंटेनेंस टीम ट्रेन को वॉशिंग लाइन में ले जाने लगे। इसी बीच एक कोच के सभी दरवाजे बंद मिले। अंदर एक व्यक्ति हंगामा कर रहा था। दरवाजा खटखटाया तो व्यक्ति तमाम तरह की बातें करने लगा। उसने कोच के अंदर तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुछ देर बाद स्टेशन अधीक्षक ने जीआरपी को बुलाया। बाहर से ही अंदर उस व्यक्ति पर पानी की बौछार की गई।
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लेकिन, वह बाहर नहीं आया। इस पर जीआरपी टीम ने उस कोच का एक दरवाजा तोड़ दिया और अंदर घुसकर व्यक्ति को काबू किया। उसकी पहचान उसकी पहचान धर्म सिंह (41) निवासी नूनावाला, डोईवाला के रूप में हुई। वह हरिद्वार से ट्रेन में सवार हुआ था। पुलिस ने वहां के ग्रामप्रधान बलविंदर से संपर्क किया। इस दौरान पता लगा कि धर्म सिंह के माता-पिता और पत्नी की मौत हो गई है। उस पर अकेले दो बच्चों को पालने की जिम्मेदारी है। आर्थिक कमजोरी के चलते वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा है। यह पता लगाने पर पुलिस ने धर्म को शांत किया और रात साढ़े 12 बजे उसे घर भिजवाया।
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