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मकर संक्रांति को लेकर असमंजस, इस दिन मनाना होगा शुभ

Wed, 13 Jan 2016 08:12 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 13 Jan 2016 08:12 AM IST
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makar sankranti date confusion.

मकर संक्रांति के पर्व को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यह पर्व अधिकतर 14 जनवरी को ही पड़ता है। यही वजह है कि इस बार ज्योतिष 15 जनवरी तिथि बता रहे हैं तो लोग कुछ समझ नहीं पा रहे हैं।

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वैसे मकर संक्रांति का पुण्यकाल 14 जनवरी की शाम 6.30 बजे से शुरू हो जाएगा जो कि 15 जनवरी को सुबह 7.52 बजे तक रहेगा। मकर संक्रांति का पर्व कभी 14 तो कभी 15 जनवरी को पड़ता है। दो-तीन सालों में यह अंतर पड़ता रहता है। अधिकतर यह पर्व लोहड़ी के अगले दिन यानी 14 जनवरी को ही पड़ता रहा है।
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यही वजह है कि इस बार 15 जनवरी को पर्व होने से असमंजस की स्थिति बन रही है। ज्योतिषियों के अनुसार सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश करने के 16 घड़ी यानी 6 घंटे 24 मिनट पहले और बाद में इस पर्व का पुण्यकाल माना जाता है। इस हिसाब से मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को शाम 6.30 बजे से शुरू हो जाएगा।

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5 जनवरी को ही मनाना शुभ

makar sankranti date confusion.

उत्तराखंड विद्वत सभा के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की रात्रि और 15 जनवरी की सुबह 1.30 बजे सूर्य मकर राशि में जा रहे हैं। इस हिसाब से मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को ही मनाना शुभ माना जा रहा है।

डॉ. आचार्य सुशांत राज के अनुसार इस दिन विष्णु सहस्त्रनाम पाठ, सूर्योपासना करनी चाहिए। इसके साथ ही अन्न, तिल-गुड़ और वस्त्र दान करने चाहिए। इस दिन खिचड़ी बनाकर दान करने और खाने का विशेष महत्व है।

14 को भी पूरा पुण्य
पंडित ज्ञानेंद्र पांडे के अनुसार मकर संक्रांति के पर्व का पुण्यकाल 14 जनवरी की शाम 6.30 बजे से शुरू हो जाएगा। ऐसे में यह पर्व 14 जनवरी को भी मनाया जा सकता है, बल्कि कई लोग 14 को ही पर्व मनाएंगे। पंडित भगवती प्रसाद थपलियाल के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व दोनों ही दिन मनाया जा सकता है।

तुला लग्न में संक्रमण
सूर्य का मकर राशि में संक्रमण तुला लग्न में होगा। जो कि अच्छा माना जा रहा है। इसके साथ ही इन पर मंगल-शनि की दृष्टि रहेगी। सूर्य के प्रवेश से 16 घड़ी पूर्व और 16 घड़ी पश्चात (6 घंटे 24 मिनट) तक संक्रांति का पुण्यकाल माना जाता है।

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