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फौज में नहीं जाना चाहते मेजर साहब!
अजित सिंह राठी/अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 20 Dec 2013 10:52 AM IST
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चार साल से उत्तराखंड के राज्यपाल के एडीसी के पद पर तैनात मेजर चौधरी फौज में नहीं लौटना चाहते हैं। मेजर पार्थ प्रतिम राय चौधरी फिलहाल आपदा के कार्यों के लिए सरकार में ओएसडी बनना चाहते हैं।
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रक्षा मंत्री एके एंटनी को भेजी चिट्ठी
राजभवन ने इनकी जोरदार सिफारिश की तो मुख्यमंत्री को रक्षा मंत्री एके एंटनी को चिट्ठी भेजकर तीन साल के लिए डेपुटेशन बढ़ाने की सिफारिश करनी पड़ी। राज्यपाल के दो एडीसी होते हैं।
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एक आईपीएस अफसर होता है और एक आर्मी से मेजर या इससे वरिष्ठ रैंक का अफसर होता है। जनवरी 2010 में मेजर पार्थ प्रतिम राय चौधरी उत्तराखंड में राज्यपाल के एडीसी के रूप में प्रतिनियुक्ति पर आए थे।
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राजभवन से प्रभावी सिफारिश
उनकी चार साल की प्रतिनियुक्ति पूरी होने वाली है लेकिन अभी वह वापस फौज में जाने के बजाय शासन सत्ता में ही नौकरी करना चाहते हैं।
इसके लिए राजभवन से प्रभावी सिफारिश के रूप में एक पत्र शासन को भेजकर उनकी प्रतिनियुक्ति बढ़ाने के साथ ही आपदा प्रबंधन कार्यों के लिए शासन में ओएसडी के पद पर करने को कहा।
आपदा प्रबंधन में ओएसडी बनाए जाने की सिफारिश
चूंकि सिफारिश राजभवन से आई थी इसलिए शासन में आते ही चिट्ठी के पंख लग गए। तेजी के साथ फाइल आगे बढ़ी और तीन दिन पहले मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने रक्षा मंत्री एके एंटनी को पत्र भेजकर मेजर चौधरी की प्रतिनियुक्ति तीन साल बढ़ाने और आपदा प्रबंधन में ओएसडी बनाए जाने की सिफारिश की है।
चौधरी की प्रतिनियुक्ति बढ़ाकर आपदा प्रबंधन में ओएसडी बनाए जाने को लेकर तरह तरह की चर्चा होने लगी है। वैसे भी मेजर चौधरी का शासन में आना जाना लगातार बना रहता है। मगर आपदा प्रबंधन केकार्र्यों के लिए सरकार में ओएसडी बनाने का बात किसी को हजम नहीं हो रही है।