कांवड़ यात्राः महादेव के इस मंदिर में नि:संतान और कुंवारे आते हैं मन्नत मांगने
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उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित पथरी में प्राचीन समय से जंगल के किनारे ऐतिहासिक प्राचीन पथेश्वर महादेव मंदिर के प्रति लोगों की अटूट आस्था है।
मान्यता है कि यदि कोई नि:संतान दंपति यहां संतान की मन्नत मांगता है तो वह जरूर पूरी होती है। मंदिर से आधा किलोमीटर दूरी पर शिव के नाम से शिवगढ़ गांव स्थित है। सावन माह में महादेव मंदिर की महत्ता और बढ़ जाती है। प्रतिदिन काफी संख्या में कांवड़िए यहां रुकते हैं और प्राचीन शिवलिंग के दर्शन करके अपने गंतव्य
को रवाना होते है।
मंदिर में प्राचीन शिवलिंग पर प्रसाद चढ़ाने से होती है हर मनोकामना पूरी
हरिद्वार से 20 किमी दूर लक्सर रोड पर शिवगढ़ गांव है। जहां से पांच सौ मीटर की दूरी पर महादेव मंदिर है। मंदिर कब बना और कितना पुराना है, इस बारे में कोई नहीं जानता। मंदिर के पुजारी अखिल गिरि ने बताया कि प्रत्येक वर्ष सावन माह के प्रत्येक सोमवार के दिन और फागुन मास की महाशिवरात्रि के दिन मंदिर पर भंडारे व मेले का आयोजन होता है।
मेले में उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा व दिल्ली आदि स्थानों से लोग आते है। मेले में लोगों की भारी भीड़ रहती है। बताते है कि मंदिर में प्राचीन शिवलिंग पर प्रसाद चढ़ाने से हर मनोकामना पूरी होती है। नि:संतान दंपति, बेरोजगार व अविवाहित युवा यहां मन्नत मांगने आते हैं।