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भाजपा में घरवापसी करते ही फोनिया ने खंडूड़ी पर बोला हमला, बयान के बाद असहज हुए पदाधिकारी

Sun, 07 Apr 2019 10:15 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 07 Apr 2019 10:15 AM IST
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Lok sabha elections 2019 Kedar Singh Fonia join bjp and attack on manish khanduri
केदार सिंह फोनिया - फोटो : अमर उजाला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व से प्रभावित होकर पूर्व कैबिनेट मंत्री केदार सिंह फोनिया की भाजपा में घरवापसी हो गई। करीब 89 वर्षीय वयोवृद्ध फोनिया ने शनिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

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सदस्यता लेने के बाद मीडियाकर्मियों ने जब उनसे जनरल खंडूड़ी के बेटे के कांग्रेस से चुनाव लड़ने के बारे में पूछा तो फोनिया ने खंडूड़ी पर हमला बोल दिया। फोनिया ने कहा कि खंडूड़ी ने भाजपा से छल किया। उनके इस बयान से भाजपा नेतृत्व असहज है। 
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पूर्व मंत्री के अलावा भाजपा में दो पूर्व आईएएस अधिकारियों ने भी सदस्यता ग्रहण की। इनमें एक राज्य चुनाव आयोग के पूर्व अध्यक्ष सुबर्द्धन हैं, जो निकाय चुनाव समय पर कराने को लेकर भाजपा सरकार से ही टकरा गए थे।
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भाजपा में उनकी ज्वाइनिंग को लेकर जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे तब अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे थे। चुनाव कराने के लिए वे कोर्ट गए। उन्होंने न तो त्रिवेंद्र सिंह रावत का नाम लिया, न बीजेपी का। पार्टी में पूर्व आईएएस अधिकारी एमसी उप्रेती ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। उप्रेती जिलाधिकारी व लोकसेवा आयोग के सदस्य की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। 

फोनिया ने टिकट कटने पर छोड़ दी थी भाजपा

पूर्व कैबिनेट मंत्री केदार सिंह फोनिया ने 2012 के विधानसभा चुनाव में टिकट काटे जाने के बाद भाजपा छोड़ दी थी। पार्टी ने बदरीनाथ सीट से प्रेमबल्लभ भट्ट को प्रत्याशी बनाया था। फोनिया ने उत्तराखंड रक्षा मोर्चा से चुनाव लड़ा और हार गए। उसके बाद वे आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ गए। 2014 में फोनिया ने कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़े डॉ. हरक सिंह रावत के समर्थन में खंडूड़ी के खिलाफ प्रचार किया था।

प्रदेश में आम आदमी पार्टी चूंकि कोई वजूद नहीं बना पाई, लिहाजा फोनिया भी राजनीतिक परिदृश्य से गायब हो गए। इस बीच उनकी एक पुस्तक आई, जिसमें उन्होंने भाजपा की जमकर आलोचना की। फोनिया बदरीनाथ से तीन बार विधायक रहे। यूपी और भाजपा की अंतरिम सरकार में मंत्री रहे। 2007 में निर्वाचित होने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के मंत्रिमंडल में उन्हें जगह नहीं मिली। इसे उनकी खंडूड़ी से नाराजगी की प्रमुख वजह माना जाता है।

मोदी से प्रभावित, खंडूड़ी ने छल किया
भाजपा में आने की वजह पूछी तो फोनिया ने कहा कि वे भाजपा से गए कहां। वे भाजपा में ही थे। उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ की। कहा, इस मुल्क को आगे बढ़ाने के लिए यदि कोई शक्ति है, तो वह मोदी की शक्ति है। मोदी सरकार ने बहुत काम किए। जनरल बीसी खंडूड़ी के बेटे के कांग्रेस से चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि खंडूड़ी जी ने भाजपा के साथ कपट छल किया है।

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