Lockdown 4.0: क्वारंटीन सेंटर में सांप के काटने से छह साल की बच्ची की मौत, पटवारी और शिक्षक समेत तीन पर मुकदमा
- बेतालघाट के तल्ली सेठी में सोमवार तड़के हुई घटना
- दिल्ली से लौटी बच्ची क्वारंटीन सेंटर में रह रही थी
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उत्तराखंड में नैनीताल के बेतालघाट के ग्राम पंचायत तल्ली सेठी के प्राइमरी स्कूल में क्वारंटीन छह साल की बच्ची को सोमवार तड़के सांप ने डंस दिया। परिजन उसे अचेत अवस्था में बेतालघाट के सीएचसी लेकर पहुंचे। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। प्रशासन ने राजस्व निरीक्षक, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और सहायक अध्यापक के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नौ दिन पहले दिल्ली से अपने परिवार के साथ पैतृक गांव लौटे महेंद्र सिंह की पत्नी, भाई और दो बच्चों को तल्ली सेठी प्राथमिक स्कूल में क्वारंटीन किया था। ऑपरेशन के चलते महेंद्र सिंह को होम क्वारंटीन की छूट दी गई थी। सोमवार तड़के पांच बजे महेंद्र सिंह की बेटी अंजली (6) को सांप ने कान में डंस लिया।
घरेलू नुस्खों से सुधार नहीं होने पर बच्ची को अचेत अवस्था में बेतालघाट के सीएचसी ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत की खबर लगते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पटवारी भुवन चंद्र जोशी ने बताया कि परिजनों ने घटना की सूचना 108 एंबुलेंस को पूर्वाह्न करीब साढ़े दस बजे दी। अगर सूचना पहले दी गई होती तो शायद बच्ची की जान बच जाती।
डीएम के निर्देश पर बेतालघाट की एसडीएम रिचा सिंह ने प्रवासियों की देखरेख में लापरवाही बरतने के मामले को गंभीरता से लिया। इस मामले में बच्ची के चाचा भीम सिंह की तहरीर पर मल्ली सेठी के राजस्व उप निरीक्षक राजपाल सिंह के खिलाफ, बेतालघाट के खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. वीएस निषाद की ओर से कांडा के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी रमेश जोशी और तल्ली सेठी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के सहायक अध्यापक करन सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269, 270, 304 और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 55 के तहत बेतालघाट तहसील में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पोस्टमार्टम के लिए परेशान रहे परिजन
पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए नैनीताल भेज दिया मगर परिजन घंटों तक शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए नैनीताल में कभी बीडी पांडे हॉस्पिटल तो कभी प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों में चक्कर काटते रहे।
परिजन सोमवार की शाम 6:30 बजे भाजपा का झंडा लगी बोलेरो में सवार होकर शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए बीडी पांडे अस्पताल पहुंचे क्योंकि शाम पांच बजे के बाद बगैर प्रशासनिक अधिकारी की इजाजत के पोस्टमार्टम नहीं होता है इसलिए अस्पताल के डॉक्टरों ने प्रशासन की अनुमति लाने को कहा जिसके बाद परिजन एसडीएम कार्यालय पहुंचे।
रात 8:00 बजे के करीब प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद वापस वह बीडी पांडे हॉस्पिटल गए। जिस बोलेरो से परिजन इधर-उधर चक्कर काटते रहे उसी में अंजलि का शव भी था। इधर, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल ने पीड़ित परिवार को पांच लाख मुआवजा और क्वारंटीन सेंटरों में उचित सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
पोस्टमार्टम से पहले बच्ची की हिस्ट्री पता करने के अलावा कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया जाएगा। उसके बाद ही अग्रिम कारवाई होगी।
- डॉ. एमएस दुग्ताल, बीडी पांडे अस्पताल, नैनीताल