Lockdown in uttarakhand : क्रय केंद्रों पर आज से गेहूं की खरीद शुरू, किसानों को भुगतान के लिए 35 करोड़ रुपये जारी
रबी सीजन के तहत खेतों में गेहूं की फसल पक कर तैयार हो गई है। लॉकडाउन के चलते किसानों को गेहूं की बिक्री करने के लिए चिंतित होने की जरूरत नहीं है। सरकार ने गेहूं खरीदने की पूरी तैयारी कर ली है। बुधवार से प्रदेश के 201 क्रय केंद्रों में गेहूं की खरीद शुरू हो गई है। किसानों को 48 घंटे के अंदर फसल का भुगतान करने के लिए सरकार ने क्रय केंद्रों को 35 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है।
प्रदेश में खाद्य विभाग, सहकारिता, नैफेड, भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ के माध्यम से किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। जबकि राज्य सरकार की ओर से 20 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा।
मंगलवार को सचिव खाद्य आपूर्ति सुशील कुमार की ओर से कोरोना वायरस को देखते हुए क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद के लिए गाइड लाइन जारी की गई। इसके तहत सभी क्रय केंद्रों पर गेहूं की ऑनलाइन खरीद होगी। इसके तहत किसानों का पंजीकरण करके उन्हें टोकन दिए जाएंगे।
एक क्रय केंद्र पर प्रतिदिन अधिकतम 10 किसानों को टोकन दिए जाएंगे और अधिकतम 500 क्विंटल गेहूं क्रय किया जाएगा। ताकि क्रय केंद्रों पर किसानों की भीड़ नहीं लगे।
टोकन में किसानों को गेहूं क्रय केंद्र पर लाने के लिए तारीख दी जाएगी। क्रय केंद्रों पर तैनात श्रमिकों के ठहरने की व्यवस्था क्रय केंद्र पर की जाएगी। सैनिटाइजर व मास्क अनिवार्य रूप से यहां उपलब्ध रहेंगे। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए क्रय केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग के लिए निर्धारित दूरी का पालन करना होगा।
पूरे प्रदेश में गेहूं खरीद के लिए 201 क्रय केंद्रों पर तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रत्येक केंद्र पर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए केंद्र व राज्य सरकार के दिशा निर्देशों का पालन किया जाएगा। क्रय केंद्रों पर भीड़ कम करने के लिए किसानों को टोकन दिए जाएंगे। गेहूं खरीदने के लिए 35 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। - सुशील कुमार, सचिव खाद्य आपूर्ति