फीका नदी में नष्ट होंगी 555 जिंदा मिसाइल, लखनऊ की बम डिस्पोजल टीम करेगी नष्ट
उत्तराखंड में जसपुर के पतरामपुर पुलिस चौकी के पास जमीन में दबी 555 जिंदा मिसाइलों को नष्ट करने की कवायद शुरू हो गई है। शासन के पत्र पर कार्यवाही करते हुए हेड क्वार्टर सेंट्रल कमांड लखनऊ से एक बम डिस्पोजल टीम भेजी।
एसएसपी ने डीएम को पत्र लिखकर मिसाइलों को फीका नदी में नष्ट करने की अनुमति और संबंधित संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है। इधर, निरीक्षण के बाद बम डिस्पोजल टीम लौट गई है।
बता दें कि काशीपुर की बीएसएम शुगर मिल परिसर स्थित एसजी स्टील फैक्ट्री में स्क्रैप के साथ 555 मिसाइलें पहुंच गई थीं। दिसंबर 2004 को स्क्रैप के साथ गलाई जा रही एक मिसाइल फट गई थी और उसकी चपेट में आए मजदूर की मौत हो गई थी।
साथ ही आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद एनएसजी और अन्य एजेंसियों ने मिसाइलों को पतरामपुर में जमीन में दबाकर जल्द नष्ट करने की बात कही थी। तब से लगातार मिसाइलों को नष्ट करने की बात तो उठती रही, लेकिन मामला कागजी कार्यवाही से बाहर नहीं निकल सका। हाल के दिनों में एसएसपी ने मिसाइलों को नष्ट करने के लिए शासन को पत्र लिखा था। इस पर शासन ने आर्मी के हेड क्वार्टर सेंट्रल कमांड एमजी रोड लखनऊ को मिसाइल नष्ट करने के लिए कार्यवाही करने का अनुरोध किया था।
इसी क्रम में सेंट्रल कमांड के कर्नल डीपी सिंह ने बम डिस्पोजल यूनिट को रुद्रपुर भेजा है। इसके बाद एसएसपी ने डीएम को पत्र लिखकर मिसाइल नष्ट करने की अनुमति मांगी है। इसमें कहा गया है कि पतरामपुर चौकी से चार किलोमीटर दूर फीका नदी तक मिसाइलों को नष्ट करने ले जाया जाना है।
इसके लिए एक जेसीबी, एक डंपर और 10 आदमियों की जरूरत है। डीएम डॉ. नीरज खैरवाल ने पत्र मिलने पर तत्काल कार्यवाही करने की बात कही है। चूंकि फीका नदी वन क्षेत्र में आती है, लिहाजा तराई पश्चिमी वन प्रभाग को भी इस बाबत पत्र भेजा गया है।
पतरामपुर में रखी गई मिसाइलों को फीका नदी में नष्ट करने के लिए डीएम को पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई है। सेंट्रल कमांड लखनऊ से एक टीम भी यहां पहुंची, जो जरूरी निरीक्षण के बाद लौट गई है। डीएम की अनुमति मिलने के बाद तय तारीख को टीम मिसाइल नष्ट करने के लिए जरूरी संसाधन के साथ पहुंचेगी।
- डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी