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शिकारियों के फंदे में फंसा तेंदुआ, रेस्क्यू टीम ने बचाया
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वन्यजीवों का शिकार करने वाले लोग वन विभाग के अफसरों से बेखौफ हैं। नतीजतन ये शिकारी तेंदुए, जंगली सुअर, हिरण, काकड़ जैसे वन्यजीवों को निशाना बना रहे हैं। वन्यजीव के शिकार का नया मामला कालसी वन प्रभाग के रुद्रपुर के जंगलों में सामने आया है। यहां शिकारियों के फंदे में तेंदुआ फंस गया। हालांकि ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने तेंदुए को बचा लिया।
प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान का कहना है कि शिकारियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। शिकारी फंदे लगाकर वन्यजीवों का शिकार ना कर सकें इसके लिए अधिकारियों की अगुवाई में टीमें दिन-रात संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही हैं। शिकारियों से संबंधित जानकारियां जुटाई गई हैं। जिनकी धरपकड़ के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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पहले भी हुईं घटनाएं
आंकड़ों पर नजर डालें तो शिकारी पिछले एक माह के भीतर तीन तेंदुओं के साथ ही एक जंगली सुअर को फंदे में फंसाकर शिकार की कोशिश कर चुके हैं। देहरादून वन प्रभाग के झाझरा रेंज के कोटा संतौर के जंगल में लगाए गए फंदे में फंसकर एक तेंदुए की मौत भी हो गई थी। थानों रेंज के भोगपुर गांव के जंगल में शिकारियों द्वारा लगाए गए फंदे में तेंदुआ फंस गया था। हालांकि ग्रामीणों की सूचना पर उसे बचा लिया गया था। प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान के मुताबिक शिकारी अमूमन जंगली सुअर पकड़ने के लिए फंदे लगाते हैं। इन फंदों में सुअर के बजाय जब तेंदुए या अन्य हिंसक वन्यजीव फंस जाते हैं तो शिकारी भाग जाते हैं।
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क्लच वायर का फंदा बनाते हैं शिकारी
प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान के अनुसार शिकारी वन्यजीवों को फंदे में फंसाने के लिए वाहनों के क्लच वायर का इस्तेमाल करते हैं। शिकारियों ने कई ऐसे मोटर मैकेनिक के बारे में भी जानकारी दी है जो गाड़ियों के क्लच वायर इन शिकारियों को मुहैया कराते हैं। शिकारियों द्वारा बनाए जाने वाले फंदे की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
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प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान का कहना है कि शिकारियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। शिकारी फंदे लगाकर वन्यजीवों का शिकार ना कर सकें इसके लिए अधिकारियों की अगुवाई में टीमें दिन-रात संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही हैं। शिकारियों से संबंधित जानकारियां जुटाई गई हैं। जिनकी धरपकड़ के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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पहले भी हुईं घटनाएं
आंकड़ों पर नजर डालें तो शिकारी पिछले एक माह के भीतर तीन तेंदुओं के साथ ही एक जंगली सुअर को फंदे में फंसाकर शिकार की कोशिश कर चुके हैं। देहरादून वन प्रभाग के झाझरा रेंज के कोटा संतौर के जंगल में लगाए गए फंदे में फंसकर एक तेंदुए की मौत भी हो गई थी। थानों रेंज के भोगपुर गांव के जंगल में शिकारियों द्वारा लगाए गए फंदे में तेंदुआ फंस गया था। हालांकि ग्रामीणों की सूचना पर उसे बचा लिया गया था। प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान के मुताबिक शिकारी अमूमन जंगली सुअर पकड़ने के लिए फंदे लगाते हैं। इन फंदों में सुअर के बजाय जब तेंदुए या अन्य हिंसक वन्यजीव फंस जाते हैं तो शिकारी भाग जाते हैं।
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क्लच वायर का फंदा बनाते हैं शिकारी
प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान के अनुसार शिकारी वन्यजीवों को फंदे में फंसाने के लिए वाहनों के क्लच वायर का इस्तेमाल करते हैं। शिकारियों ने कई ऐसे मोटर मैकेनिक के बारे में भी जानकारी दी है जो गाड़ियों के क्लच वायर इन शिकारियों को मुहैया कराते हैं। शिकारियों द्वारा बनाए जाने वाले फंदे की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।