दून में फिर आया आदमखोर, किशोरी की ली जान
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देहरादून के एफआरआई परिसर में 17 साल की लड़की पर शनिवार शाम सात बजे गुलदार ने हमला कर घसीटता ले गया। गुलदार ने किशोरी पर तब हमला किया जब किशोरी घर के बाहर मोबाइल पर बात कर रही थी।
शोर मचने पर गुलदार भाग तो गया, लेकिन उसने किशोरी की गर्दन को दबोच लिया था, जिससे वह गंभीर घायल हो गई। गुलदार के मुंह से छूटने के बाद ही वह खून से लथपथ हो गई।
किशोरी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। भागते समय गुलदार ने लड़की के कुत्ते पर भी हमला करके घायल कर गया। जिस समय गुलदार ने हमला किया उस समय परिसर में बिजली थी, लेकिन घर के बाहर अंधेरा था। घटना के समय किशोरी के मां-बाप घर पर नहीं थे।
किशोरी पर गुलदार के हमले के बाद वन विभाग और भारतीय वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) के अधिकारियों पर वहां रह रहे लोगों का गुस्सा उबल पड़ा।
गुलदार आदमखोर घोषित, मारने के आदेश
लोगों ने अधिकारियों घेर लिया और समय पर उचित कदम नहीं उठाने के आरोप लगाए। लोगों का कहना था कि बार-बार गुलदार को देखा जाता है, लेकिन दोनों ही विभागों के अधिकारी सुरक्षा के उपाय नहीं करते हैं।
हालात बिगड़ते देख प्रभागीय वन अधिकारी को गुलदार को आदमखोर घोषित कर मारने के आदेश देने पड़े। पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि तत्काल देने की घोषणा करनी पड़ी।
बाकी के दो लाख रुपये बाद में दिए जाएंगे। इस साल अब तक देहरादून में गुलदार ने दूसरी मानव जान ली है। इससे पहले फुलसणी में एक मासूम को मार डाला था।
एफआरआई परिसर में यह पहली दर्द विदारक घटना है। वन विभाग और पुलिस के कर्मचारी पूरी रात गुलदार की तलाश करते लेकिन वह पकड़ में नहीं आया।