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जनरल ओबीसी कर्मचारी तीन को करेंगे गैरसैंण कूच, पांच मार्च से आवश्यक सेवाएं ठप करने का एलान

Sat, 29 Feb 2020 08:16 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 29 Feb 2020 08:16 PM IST
सार

  • पांच मार्च से ठप की जाएगी आवश्यक सेवाएं
  • दो मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला बरकरार

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Leaders of national organisations leading anti-reservation movements in country meeting at  Dehradun
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

प्रमोशन पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन ने दो मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल की रणनीति तैयार कर ली है। तीन मार्च को पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग समेत अन्य जिलों के जनरल ओबीसी कर्मचारी गैरसैंण कूच करेंगे। एसोसिएशन ने पांच मार्च से प्रदेश में आवश्यक सेवाएं ठप करने का एलान किया है।

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शनिवार को यमुना कालोनी स्थित मनोरंजन सदन में आयोजित जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन और अखिल भारतीय समानता मंच की संयुक्त बैठक में अनिश्चितकालीन हड़ताल की रणनीति बनाई गई। बैठक में उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश समेत अन्य कई राज्यों के कर्मचारी नेताओं ने उत्तराखंड कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन कर अपने-अपने राज्यों में धरने का एलान किया। 
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बैठक में अखिल भारतीय समानता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम नागराज ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण मुद्दा केवल उत्तराखंड का नहीं है। यह पूरे देश के जनरल ओबीसी कर्मचारियों का मामला है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी सरकार ने प्रमोशन से रोक नहीं हटाई है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं है।
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इसके लिए सभी जनरल ओबीसी कर्मचारियों को अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर आंदोलन को सफल बनाने के लिए आगे आना होगा। जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि प्रमोशन पर रोक हटाने के लिए सरकार व शासन को काफी समय दिया गया, लेकिन सरकार हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कराने के लिए कर्मचारियों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। 

बैठक में समानता मंच उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एचएन पांडे, पंजाब जनरल कर्मचारी वेलफेयर फेडरेशन के अध्यक्ष सर्वजीत कौशिक, भारतीय किसान यूनियन के महासचिव भोग सिंह, समानता मंच के वीपी नौटियाल, केंद्रीय सचिव एलपी रतूड़ी, सिंचाई कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रमेश रमोला, मिनिस्टीरियल महासंघ के पूर्णानंद नौटियाल, पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संघ से पंचम सिंह, प्रताप सिंह पंवार, शंकर दत्त पाठक, महासचिव वीरेंद्र सिंह गुसाईं, मुकेश बहुगुणा, जगदीश प्रसाद, ललित मोहन रावत, अनिल प्रकाश उनियाल, डीएस सरियाल, डीएस असवाल, राजेंद्र सिंह चौहान, रघुवीर सिंह बिष्ट समेत कई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। 

सरकार कोई भी कार्रवाई करे, हड़ताल से पीछे नहीं हटेंगे

जनरल ओबीसी कर्मचारी एसोसिएशन ने एलान किया है कि सरकार हड़ताल रोकने के लिए कर्मचारियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई कर सकती है। लेकिन जब तक प्रमोशन से रोक नहीं हटाई जाएगी, तब तक आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। एसोसिएशन का कहना है कि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की अध्यक्षता में हुई वार्ता में यह मांग की गई कि सरकार लिखित रूप में दे कि विधानसभा सत्र के बाद प्रमोशन पर लगी रोक के आदेश को रद्द कर दिया जाएगा। सरकार इसके लिए तैयार नहीं है। कर्मचारी भी आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।

सरकार हड़ताल वापस कराना चाहती है तो तत्काल करे बातचीत

वहीं उत्तरांचल (पर्वतीय) कर्मचारी शिक्षक संगठन ने कहा कि प्रदेश सरकार यदि जनरल ओबीसी कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल टालना चाहती है। तो वह जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन से तत्काल बातचीत करे। संगठन ने कहा कि सरकार दो मार्च से होने वाली हड़ताल को लेकर गंभीर नहीं है। यदि वह गंभीर होती तो अब तक बातचीत करके प्रमोशन से रोक हटा देती। यह बात संगठन की यमुना कालोनी स्थित बैठक में कही गई। 

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में दो मार्च से बेमियादी हड़ताल की रणनीति पर मंथन हुआ। इस अवसर पर संगठन के प्रदेश महामंत्री पंचम सिंह बिष्ट ने कहा कि सरकार ने बेमियादी हड़ताल को ईमानदारी से टालने की कोशिश करती, तो सम्मानजनक समझौता हो सकता था। सरकार ने इस मसले की गंभीरता को समझने के बजाय कर्मचारियों के दूसरे मसलों को लेकर 27 फरवरी को बैठक बुलाई। जबकि जनरल ओबीसी कर्मचारी पिछले कई महीनों से प्रमोशन से रोक हटाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

कर्मचारी आंदोलन का बातचीत से निकलेगा हल : मुख्यमंत्री 

जनरल ओबीसी एम्पलाइज एसोसिएशन की दो मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कर्मचारी संगठनों से बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि बातचीत से ही कर्मचारियों की मांगों का हल निकलेगा। 

मुख्यमंत्री ने एक समारोह के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर बेहद गंभीर है। कैबिनेट मंत्री एक दौर की वार्ता कर्मचारियों से कर चुके हैं। कर्मचारियों को हमने आश्वस्त किया है कि मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बयान पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि वह रिटायर हो चुके हैं। उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।

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