फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Lata Mangeshkar death: lata had left her recording and came to another studio after listening Uttarakhand Mangal geet

लता मंगेशकर : उत्तराखंड का मांगल गीत सुन अपनी रिकॉर्डिंग छोड़ दूसरे स्टूडियो में आ गईं थीं स्वर कोकिला

Mon, 07 Feb 2022 11:33 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal करन दयाल, अमर उजाला, देहरादून
करन दयाल, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 07 Feb 2022 11:33 AM IST
सार

लता मंगेशकर ने तब मांगल गीत गा रहे कलाकारों से कहा उत्तराखंड के लोग मुुझे बहुत पसंद हैं और वहां के लोकगीत भी मुझे बहुत भाते हैं।

विज्ञापन
Lata Mangeshkar death: lata had left her recording and came to another studio after listening Uttarakhand Mangal geet
लता मंगेशकर - फोटो : Twitter @annamalai_k

विस्तार

उत्तराखंड में विभिन्न संस्कारों में गाए जाने वाले मांगलिक गीत जिन्हें मांगल भी कहा जाता है, जो देवभूमि की गौरवशाली संस्कृति का प्रतीक है। इन्हें सुनकर हर कोई भाव विभोर हो सकता है।

विज्ञापन


ऐसा ही साल 1984 में हुआ भी जब मांगल गीत सुनकर स्वर कोकिला लता मंगेशकर अपने स्टूडियो को छोड़कर उस स्टूडियो में आ गई थीं, जहां उत्तराखंड का मांगल गीत रिकॉर्ड किया जा रहा था। इतना ही नहीं उन्होंने मांगल गीत गा रहे कलाकारों से कहा उत्तराखंड के लोग मुुझे बहुत पसंद हैं और वहां के लोकगीत भी मुझे बहुत भाते हैं। यह बातें उत्तराखंड की लोकगायिका कल्पना चौहान ने बताईं। 
विज्ञापन


उत्तराखंड: लता मंगेशकर के निधन पर दो दिन का राजकीय शोक, सरकारी कार्यालयों में आधे झुके रहेंगे राष्ट्रीय ध्वज
विज्ञापन
विज्ञापन

 

संगीत क्षेत्र के लिए लता मंगेशकर का निधन बहुत बड़ी क्षति
लोकगायिका कल्पना चौहान ने बताया कि आज भी वह मुलाकात उन्हें याद है जैसे मानों कि कल की बात हो। बकौल कल्पना स्वर कोकिला से वह मुलाकात बेहद छोटी थी लेकिन वह ईश्वर से मुलाकात करने जैसा था। बताया कि साल 1984 में वह जब कक्षा 12वीं में पढ़ती थी तो एक पहाड़ी और राजस्थानी गीत की रिकॉर्डिंग के लिए मुंबई स्टूडियो में अपने ग्रुप के साथ गई थी।

 

ग्रुप के साथ जिस स्टूडियो में मांगल गीत रिकॉर्ड कर रही थी उसके अगले स्टूडियो में स्वर कोकिला लता मंगेशकर अपने गानों की रिकॉर्डिंग कर रही थी। जैसे ही उनके कानों में मांगल गीत की ध्वनि पड़ी तो वह खुद को रोक नहीं सकीं और हमारे स्टूडियो आ गईं। लता दीदी को देखकर सभी हतप्रभ रह गए कि स्वरों की देवी खुद आई हैं।

 

उन्होंने गीत गाने वाले सभी बच्चों की तारीफ की और संगीत में आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। कल्पना ने मुंबई से ही पढ़ाई करने के बाद संगीत की बारीकियां सीखीं। उन्होंने लता दीदी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि संगीत क्षेत्र के लिए उनका निधन बहुत बड़ी क्षति है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed