लंढौरा बवाल: चैंपियन के ताऊ समेत 13 गिरफ्तार, इंटरनेट पर रोक
- पथराव-आगजनी में 12 नामजद समेत 150 अज्ञात चिन्हित
- दुकानदार ने चैंपियन के ताऊ के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा
- छावनी में तब्दील हुआ लंढौरा, अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात
- एहतियातन बंद कराया जिले में नेट, आरोप-प्रत्यारोप का दौर
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विस्तार
लंढौरा में हुए बवाल पर अब सियायत तेज हो गई है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को लंढौरा पहुंचकर सियासी गिरफ्तारी दी तो दूसरी ओर मौका मुआयना करने जा रहे भाजपा विधायकों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया। घटना के विरोध में भाजपा ने बृहस्पतिवार को पूरे प्रदेश में जगह-जगह राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और पुतला फूंका।
शाम को पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला और लंढौरा की घटना की सीबीआई जांच कराए जाने और प्रणव चैंपियन व उनके परिवार को सुरक्षा दिए जाने की मांग की। उधर, बवाल मामले में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए हैं।
पहला मुकदमा दुकानदार महबूब की तहरीर पर प्रणव चैंपियन के ताऊ कृष्ण कुमार व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है। जबकि दूसरा मुकदमा 12 नामजद व 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस चौकी में तोडफ़ोड़, पथराव व आगजनी का दर्ज किया गया।
दोनों मुकदमों में आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने पहले मुकदमे में मुख्य आरोपी कृष्ण कुमार व दूसरे मुकदमे में सभी नामजद 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि हाईवे जाम करने के आरोप में डेढ़ सौ से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अज्ञात लोगों की पहचान का काम शुरू कर दिया गया है।
इस बीच पुलिस ने एहतियातन पूरे जिले में नेट सेवा बंद करा दी। जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए जुलूस व विरोध प्रदर्शन पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। बृहस्पतिवार को भी लंढौरा पूरी तरह छावनी में तब्दील रहा। कस्बे में दंगा नियंत्रण बल, आईटीबीपी, पीएसी और आईआरबी के जवान तैनात रहे।
आस पास के गांवों में भी पुलिस, पीएसी व प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। कस्बे में बाजार पूरी तरह बंद रहे। धारा 144 के बीच कस्बे में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात रहे। आईजी संजय गुंज्याल व डीआईजी पुष्पक ज्योति भी लंढौरा में कैंप किए हुए हैं।
कांग्रेसियों की गिरफ्तारी के बाद हुई थाने में आवभगत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य आंदोलनकारी परिषद के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप के नेतृत्व में हालात का जायजा लेने पहुंचे कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया। उन्हें लंढौरा से सिविल लाइंस कोतवाली ले लाया गया और आवभगत के बाद उन्हें बाइज्जत रवाना कर दिया गया।
उधर, सियासत में भाजपाई भी पीछे नहीं रहे। जिले के सभी विधायक और जिलाध्यक्ष हरिद्वार से लंढौरा के लिए रवाना हुए तो पुलिस ने पतंजलि के पास उन्हें रोक लिया। इस पर भाजपाइयों ने वहीं धरना शुरू कर दिया। मजबूरी में पुलिस ने सभी भाजपा विधायकों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया। इसमें विधायक मदन कौशिक, यतीश्वरानंद, चंद्रशेखर, संजय गुप्ता, आदेश चौहान, पूर्व विधायक प्रदीप बत्रा और जिलाध्यक्ष कल्पना सैनी आदि शामिल थे।
नेट कराया बंद
वहीं क्षेत्र में क्षेत्र में शांति व्यवस्था के लिए पूरे जिले की नेट कनेक्टिविटी ठप करा दी गई, ताकि बवाल को भड़कने से रोका जा सके।
नेट नहीं चलने पर लोगों ने साइबर कैफे पर भी संपर्क किया, लेकिन बात नहीं बनी। इससे दुकानदार भी परेशान रहे। उधर, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह और कलियर विधायक फुरकान अहमद की ओर से पूरे प्रकरण के लिए भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन को दोषी बताया गया है। वहीं धीरेंद्र प्रताप की अगुवाई में पहुंची कांग्रेस की पंाच सदस्यीय टीम ने भी ऐसे ही बयान दिए।
अराजक तत्व न दे सकें बवाल को हवा, इसलिए नेट बंद
क्षेत्र में शांति व्यवस्था के लिए नेट को बंद कराया गया है, ताकि अराजक तत्व बवाल को हवा न दे सके। साथ ही पूरे जिले में धारा-144 लागू की गई है। इसके तहत सार्वजनिक स्थलों पर पांच या पांच से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि नेट बंद होने से पुलिस को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सुरक्षा और एहतियात के लिहाज से यह जरूरी है। इससे एक दो दिन और लोगों को परेशानी हो सकती है।
-लोकेश्वर सिंह, एएसपी, मंगलौर
बोले आईजी, सब नियंत्रण में
लंढौरा में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में हैं। एहतियात के तौर पर फोर्स तैनात की गई है। मुख्य आरोपी समेत बवाल के 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पथराव, तोड़फोड़ व आगजनी करने वाले बाकी आरोपियों को भी चिन्हित किया जा रहा है।
-संजय गुंज्याल, आईजी गढ़वाल रेंज