उत्तराखंड के 'भगोड़े' मंत्री के खिलाफ कुर्की का आदेश
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बलवा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पेश न होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के खिलाफ कुर्की वारंट जारी कर दिया है। हाल ही में पुलिस ने मंत्री के आवास पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया था।
विकल्पधारी शिक्षकों को उत्तर प्रदेश भेजने सहित कई मांगों के समर्थन में प्रशिक्षित बेरोजगार महासंघ ने मंत्री प्रसाद के नेतृत्व में दस अप्रैल 2001 को विधानसभा कूच किया था।
आरोप है कि रिस्पना पुल के पास जुलूस को रोकने पर बेरोजगारों ने पुलिस पथराव कर दिया था। वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई थी। थाना डालनवाला पुलिस ने मंत्री सहित 12 अन्य आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया था।
जारी हो चुका है गैर जमानती वारंट
इस मामले में कई बार समन भेजे गए, जमानती और फिर गैर जमानती वारंट भी जारी हुए, लेकिन समन तामील नहीं हो पाए। पुलिस अदालत में यही कहती रही कि मंत्री घर पर नहीं मिल रहे हैं।
इस मामले में सीजेएम राजीव कुमार ने डीजीपी और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पुलिस से समन तामील कराने को कहा था।
'डकैती नहीं की'
मुझे कुर्की के आदेश की जानकारी नहीं है। मैं इधर उधर क्षेत्र में रहता हूं इस वजह से कोर्ट में पेश नहीं हो पाया। यह इतना बड़ा मामला नहीं है। मैंने कोई डकैती नहीं की है। मैं अभी ऊधमसिंह नगर में हूं। मामले का पता कर कोर्ट में पेश हो जाऊंगा।
-मंत्री प्रसाद नैथानी, शिक्षामंत्री