कुंभ शाही स्नान 2021: कोरोना पर आस्था भारी, समय पर घाट खाली न होने से बड़ा उदासीन अखाड़ा नाराज
हरकी पैड़ी क्षेत्र में श्रद्धालु सुबह सात बजे तक ही स्नान कर पाए, इसके बाद संतों के लिए रिजर्व है। अन्य घाटों पर भक्तों का स्नान जारी है।
विस्तार
सोमवार को हरिद्वार कुंभ में पवित्र सोमवती अमावस्या का शाही स्नान शुरू हो गया। स्नान रविवार देर रात से ही शुरू हो गया था। आईजी मेला संजय गुंज्याल का कहना है कि दिन तक 21 लाख 07 हजार के लगभग श्रद्धालुओं ने सम्पूर्ण कुंभ मेला क्षेत्र में स्नान किया है। हरकी पैड़ी क्षेत्र में श्रद्धालु सुबह सात बजे तक ही स्नान कर पाए, इसके बाद संतों के लिए रिजर्व है। अन्य घाटों पर भक्तों का स्नान जारी है।
लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का स्वास्थ्य बिगड़ गया
शाही स्नान के बाद किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का स्वास्थ्य बिगड़ गया। आचार्य महामंडलेश्वर गंगा सभा के कार्यालय के बाहर बेहोश हो गईं। मेला प्रशासन और पुलिस ने लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी एम्बुलेंस को से अस्पताल भेजा।
समय पर घाट खाली न होने से बड़ा उदासीन अखाड़ा नाराज
शाही स्नान के तय समय पर घाट खाली न होने से बड़ा उदासीन अखाड़ा नाराज हो गया। इसके बाद स्नान के बहिष्कार की चेतावनी दी। शाही स्नान के लिए जाने को इंतजार करने से उदासीन अखाड़ा नाराज हुआ। अखाड़े के संत सड़क पर बैठ गए। जिससे मेला प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए।
नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र बीर बिक्रम शाह ने भी सोमवार को स्नान किया। संत पतित पावनी गंगा में डुबकी लगा रहे हैं। यह क्रम शाम पांच बजे तक चलता रहेगा।
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Uttarakhand: Sadhus participate in the second 'shahi snan' of Maha Kumbh at Har Ki Pauri ghat in Haridwar pic.twitter.com/VMjd4h5Gcp
— ANI (@ANI) April 12, 2021
कोविड नियम तार-तार
शाही स्नान के लिए हरकी पैड़ी पर भीड़ उमड़ पड़ी है। ऐसे में कोविड नियम तार-तार हो गए हैं। कुंभ मेला आईजी संजय गुंज्याल का कहना है कि हम लोगों से लगातार कोविड नियमों के पालन का आग्रह कर रहे हैं, लेकिन भारी भीड़ के कारण यह व्यावहारिक रूप से असंभव है। आईजी का कहना है कि भारी भीड़ को देखते हुए यहां घाट पर सामाजिक दूरी जैसे नियम का पालन करा पाना नामुमकिन है। अगर हमने ऐसा कराने की कोशिश की तो भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है, इसलिए हम ऐसा नहीं कर रहे हैं।
We are continuously appealing to people to follow COVID appropriate behaviour. But due to the huge crowd, it is practically not possible to issue challans today. It is very difficult to ensure social distancing at ghats: Kumbh Mela IG Sanjay Gunjyal (1/2) pic.twitter.com/pkr7uulING
— ANI (@ANI) April 12, 2021
हरकी पैड़ी क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर कड़ी सुरक्षा
निरंजनी, जूना और पंच अग्नि अखाड़ा भी पूरे दल-बल के साथ स्नान के लिए निकला। शाही स्नान के लिए सबसे पहले निरंजनी अखाड़ा के संत स्नान के लिए पहुंचे। निरंजनी आखड़ा के संतों ने स्नान किया और लौट गए। जिसके बाद जूना, अग्नि और आह्वान आखड़ा के संत स्नान के लिए पहुंचे।
संतों ने पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाई। इसके बाद किन्नर आखाड़ा के संतों ने गंगा स्नान किया। बैरागी अखाड़ा के संत भी तय समय के अनुसार स्नान के लिए पहुंचे। यह क्रम शाम पांच बजे तक चलता रहेगा। मेला प्रशासन ने बारी-बारी से अखाड़ों के स्नान का रूट और समय चार्ट जारी कर दिया है।
शाही स्नान के लिए हरकी पैड़ी क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर कड़ी सुरक्षा है। स्नाइपर निगरानी करेंगे और बम निरोधक दस्ता व डॉग स्क्वाड की टीमें अलर्ट हैं।
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श्रद्धालु हरकी पैड़ी छोड़कर बाकी घाटों पर स्नान करेंगे। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि समेत कई संतों के कोरोना संक्रमित होने से सोमवार को होने वाले सोमवती अमावस्या के शाही स्नान पर कोविड का साया है।
हरिद्वार कुंभ में पहुंचे नेपाल नरेश, मुख्यमंत्री ने कहा- स्वागत है
हरिद्वार कुंभ में नेपाल के पूर्व नरेश राजा ज्ञानेन्द्र बीर बिक्रम शाह के आगमन पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व नेपाल नरेश को भेजे संदेश में कहा कि ‘देवभूमि उत्तराखंड और हरिद्वार कुंभ में आपका स्वागत है।
आप साधु-संतों के सानिध्य में गंगा स्नान कर कुंभ का पुण्य लाभ अर्जित करें।’ मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान ने हरिद्वार जाकर राजा ज्ञानेंद्र बीर बिक्रम शाह को मुख्यमंत्री की ओर से पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंनेे इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और उत्तराखंड में निवास कर रहे नेपाली समुदाय के लोगों को संदेश भी दिया।
किन्नर अखाड़ा भी जूना के साथ ही चौथे नंबर पर स्नान करेगा
मेला पुलिस-प्रशासन ने स्नान की तैयारियां पूरी कर हरकी पैड़ी क्षेत्र को श्रद्धालुओं के लिए सील कर दिया। हरकी पैड़ी पर ब्रह्मकुंड में अखाड़ों के संत क्रमवार शाही स्नान कर रहे हैं।
जूना के साथ अग्नि और आह्वान अखाड़ों के संतों ने स्नान किया। किन्नर अखाड़ा ने भी जूना के साथ ही चौथे नंबर पर स्नान किया।
जबकि बैरागियों की तीनों अणियों निर्माणी, दिगंबर और निर्मोही के संतों ने भी एक साथ स्नान किया। आईजी कुंभ संजय गुंज्याल ने बताया कि स्नान पर कड़ी सुरक्षा है।
शाही स्नानों के लिए पूरी व्यवस्था की जा चुकी है। मास्क, सैनेटाइजेशन किट आदि की पूरी व्यवस्था है और इसकी कोई कमी नहीं है। नियमों का पालन करते हुए प्रदेश सरकार की ओर से कुंभ को भव्य बनाने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
-तीरथ सिंह रावत, मुख्यमंत्री उत्तराखंड
शाम को गंगा आरती में शामिल नहीं हो पाएंगे श्रद्धालु
आईजी कुंभ संजय गुंज्याल ने कहा कि शाही स्नानों के दिन हाईवे को जीरो जोन रखा गया है। इसके साथ ही हरकी पैड़ी पर होने वाली शाम की गंगा आरती में भी श्रद्धालु शामिल नहीं हो पाएंगे।
आईजी कुंभ मेला संजय गुंज्याल ने कहा कि 12 से 14 अप्रैल तक लगातार स्नान पर्व हैं। 12 अप्रैल को दूसरा शाही स्नान, 13 अप्रैल को नव संवत और 14 अप्रैल को बैशाखी के दिन तीसरा शाही स्नान है। जिसमें सभी 13 अखाड़ों के साधु-संत स्नान करने के लिए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि स्नान के शाही जुलूस हाईवे से गुजर रहा है। इसलिए हाईवे पर वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित करके जीरो जोन घोषित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि हरकी पैड़ी, ब्रह्मकुंड और आसपास के गंगा घाटों पर श्रद्धालु स्नान नहीं कर पाएंगे।
यह घाट अखाड़ों के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसलिए श्रद्धालु पार्किंग के आसपास के घाटों पर ही स्नान करें। उन्होंने बताया कि शाही स्नान के दिन शाम तक अखाड़ों के संत स्नान करते हैं। इसलिए हरकी पैड़ी शाम के समय होने वाली आरती में आम श्रद्धालुओं को शामिल होने की इजाजत नहीं होगी।