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रविवार को देश के नामी ज्योतिष आपसे होंगे रूबरू, बताएंगे आपका भविष्य और पूर्वजन्म

Sat, 31 Mar 2018 09:16 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 31 Mar 2018 09:16 PM IST
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know your future and previous birth in jyotish mahakumbh 2018 on sunday
jyotish mahakumbh

रविवार को(01 अप्रैल) को पूरा दिन ज्योतिष महाकुंभ आम लोगों के लिए खुला रहेगा। लोग पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर ज्योतिषियों से मुलाकात कर निशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। ग्राफिक एरा विवि परिसर में सुबह साढ़े नौ बजे से निशुल्क परामर्श की शुरुआत होगी।

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ज्योतिषियों के पास उपलब्ध समय के अनुसार अधिक से अधिक लोगों को मिलने का अवसर दिया जाएगा। दो अप्रैल को होटल सैफ्रॉन लीफ में देश के अलग-अलग हिस्सों से पधारे ज्योतिषियों का सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
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बारिश और तेज धूप होती है तो हम छाता ओढ़ लेते हैं। इससे बारिश या धूप कम नहीं हो जाती, लेकिन हमारा कुछ बचाव हो जाता है। कुछ ऐसा ही प्रभाव ज्योतिष विद्या का भी हमारे जीवन पर पड़ता है। इसके उपायों से होने वाली घटनाओं को रोका तो नहीं जा सकता, लेकिन उन्हें आंशिक रूप से नियंत्रित जरूर किया जा सकता है। तीन दिवसीय अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल ने यह बात कही।
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शनिवार को ग्राफिक एरा पर्वतीय विवि सभागार में ज्योतिष महाकुंभ का शुभारंभ हुआ। राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल, पंडित केए दूबे पद्मेश, ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ एजुकेशन के चेयरमैन प्रो. कमल घनशाला, वास्तुविद् पंडित सतीश शर्मा, पंडित लेखराज शर्मा, अजय भांबी, अरुण बंसल और विनोद त्यागी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया।

इसके बाद राज्यपाल डॉ. पाल ने कहा कि करीब चार हजार साल पुरानी भारतीय संस्कृति के साथ ही ज्योतिष की भी शुरुआत हुई। पहले ज्योतिष केवल अवलोकन पर आधारित था, जिसके कई बिंदुओं को आज वैज्ञानिक मान्यता भी मिल चुकी है। विज्ञान की तरक्की के साथ इसमें कई चीजें जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि ज्योतिष और इससे जुड़े विभिन्न विषयों पर शोध करने की आवश्यकता है।

डॉ. राव को ज्योतिष पितामह सम्मान

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वहीं, पंडित केए दूबे पद्मेश ने कार्यक्रम में ज्योतिष पितामह से सम्मानित किए गए डॉ. केएन राव को पद्म पुरस्कार दिए जाने की मांग की। प्रो. कमल घनशाला ने कहा कि ज्योतिष महाकुंभ से पता चलता है कि अमर उजाला पाठकों के बेहतर भविष्य के लिए भी सोचता है।

उन्होंने कहा कि ज्योतिष के कई विषय अब भी छूटे हैं, जिन पर शोध की आवश्यकता है। पंडित सतीश शर्मा ने कहा कि ज्योतिष की बेहतरी के लिए पिछले कुछ वर्षों में काफी प्रयास हुए हैं। इसके बावजूद अभी बहुत कुछ किया जाना आवश्यक है। इस अवसर पर शिवानी खेतान, गीतानंद सरस्वती, अरुण मिश्रा, आचार्य राजेश, पंडित रामलखन गैरोला, विनोद पोखरियाल समेत बड़ी संख्या में ज्योतिषी एवं अन्य विद्वान उपस्थित रहे।

डॉ. राव को ज्योतिष पितामह सम्मान
कार्यक्रम में राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल और अन्य अतिथियों ने वयोवृद्ध ज्योतिषी डॉ. केएन राव को ज्योतिष पितामह सम्मान प्रदान किया। स्वास्थ्य खराब होने के कारण डॉ. राव सम्मान ग्रहण करने नहीं पहुंच सके। ऐसे में उनके स्थान पर उनकी शिष्या अंजू सचदेव और आचार्य सुमन ने प्रतिनिधि के तौर पर यह सम्मान ग्रहण किया।

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