Kisan Andolan : रुड़की में दिल्ली कूच के लिए बनी किसान संगठनों की तीन टीमें
दिल्ली में धरना दे रहे किसानों के समर्थन के लिए रुड़की के किसान भी दिल्ली पहुंच रहे हैं। इसके लिए धीरे-धीरे सिलसिला तेज होता जा रहा है। बताया गया है कि जिले में किसान संगठनों की तीन टीमें किसानों को एकजुट कर दिल्ली पहुंचाने के लिए काम में लगी है। पथरी क्षेत्र से दो दिन पहले ही कई ट्रैक्टर ट्रालियों से किसान दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि नारसन क्षेत्र से 31 दिसंबर को किसान रवाना होंगे।
किसान आंदोलन : कृषि कानूनों के विरोध में मैदान का किसान आंदोलित, लेकिन पहाड़ का किसान इससे दूर
कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में चल रहे किसानों के धरना प्रदर्शन में रुड़की और आसपास के किसान संगठन धीरे-धीरे उनकी एकजुटता को बढ़ा रहे हैं। किसान यूनियनों की कई टीमें कई दिन पहले से दिल्ली में डेरा डाले हैं। बताया गया है कि दिल्ली प्रदर्शन में क्षेत्र के किसानों की भागीदारी निभाने के लिए किसान संगठनों ने टीमें भी बनाई है।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के प्रवक्ता राकेश लोहान ने बताया कि जिले में इस समय किसानों को एकजुट करने के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं। दो दिन पहले ही पथरी से वरिष्ठ किसान नेता सरदार सुखदेव सिंह की नेतृत्व में कई ट्रैक्टर ट्रालियों में किसान दिल्ली पहुंच चुके हैं।
वहीं भाकियू टिकैत के कार्यकर्ताओं ने 31 दिसंबर को रवानगी की योजना बनाई है। उन्होंने बताया कि इसके लिए किसानों से गांव-गांव जाकर जनसंपर्क किया जा रहा है। साथ ही उन्हें दिल्ली में किसान भाइयों के धरने को समर्थन देने की अपील की जा रही है।
पंचायत में किसानों ने किया कृषि कानूनों का विरोध
किसान एसोसिएशन की एक पंचायत प्रशासनिक बैठक में हुई। इसकी अध्यक्षता राजेंद्र प्रसाद त्यागी एवं संचालन चंद्रभान उत्तराखंडी ने किया। इसमें केंद्र सरकार की ओर से लाए गए कृषि कानूनों का विरोध किया गया।
पंचायत में किसानों को समय से गन्ना भुगतान न मिलना, बिना भाव घोषित किए हुए ही गन्ने की खरीदारी करना आदि पर रोष व्यक्त किया गया। पंचायत को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी भुल्लन सिंह ने कहा कि यह बेहद अफसोसजनक है कि देश का किसान ठंड में सड़कों पर है और केंद्र सरकार किसानों की समस्या का समाधान करने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रही है।
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार किसानों के हक में फैसला नहीं देती है, तब तक किसान सड़कों से नहीं उठेगा। पंचायत में कर्मवीर सिंह, ओमदत्त, राजपाल त्यागी, राशिद, अनीस त्यागी, कर्म सिंह, अमर सिंह, विजय सिंह आदि मौजूद रहे।