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19 मार्च से शुरू होगा 'मिशन केदारनाथ'
अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Fri, 14 Mar 2014 08:40 PM IST
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केदारनाथ पैदल ट्रैक की देखरेख के लिए गठित स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का मिशन केदारनाथ 19 मार्च से शुरू हो रहा है।
एसटीएफ के चीफ डीआईजी जीएस मर्तोलिया की अगुवाई में 39 पुलिस अधिकारी/जवानों का दल 19 मार्च को देहरादून से केदारनाथ की ओर कूच करेगा।
चार मई को खुलेंगे कपाट
केदारनाथ मंदिर के कपाट चार मई को खुलने हैं। पिछले वर्ष आई आपदा से केदारनाथ पैदल मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इन दिनों सोनप्रयाग से भीमबली तक 10 किमी पैच पर लोनिवि पुनर्निर्माण कर रहा है। जबकि भीमबली से केदारनाथ तक 10 किमी पैच में बर्फ जमी हुई है।
इस पैच को एनआईएम (नेहरू पर्वतारोहण संस्थान) उत्तरकाशी के मजदूरों के सहयोग से खोला जाना है। प्रदेश शासन ने इसी पैच की मानीटरिंग और अन्य व्यवस्थाओं के लिए एसटीएफ का गठन किया है।
अनुभवी अधिकारियों हैं शामिल
एसटीएफ की टीम में पर्वतारोहण और बर्फ में काम करने के अनुभवी पुलिस अधिकारियों और जवानों को शामिल किया गया है। यह टीम पैदल मार्ग पर काम कर रहे मजदूरों की सहायता भी करेगी। किसी विपरीत परिस्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएगी।
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एसटीएफ निर्माण कार्य की प्रगति की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को देगी। एसटीएफ में डीआईजी जीएस मर्तोलिया के अलावा सीओ रैंक, इंस्पेक्टर, दारोगा, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल रैंक के 39 पुलिस कर्मी शामिल हैं। सभी कर्मियों को 18 मार्च को देहरादून पुलिस लाइन में रिपोर्ट करने को कहा गया है।
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एसटीएफ के चीफ डीआईजी जीएस मर्तोलिया की अगुवाई में 39 पुलिस अधिकारी/जवानों का दल 19 मार्च को देहरादून से केदारनाथ की ओर कूच करेगा।
चार मई को खुलेंगे कपाट
केदारनाथ मंदिर के कपाट चार मई को खुलने हैं। पिछले वर्ष आई आपदा से केदारनाथ पैदल मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इन दिनों सोनप्रयाग से भीमबली तक 10 किमी पैच पर लोनिवि पुनर्निर्माण कर रहा है। जबकि भीमबली से केदारनाथ तक 10 किमी पैच में बर्फ जमी हुई है।
इस पैच को एनआईएम (नेहरू पर्वतारोहण संस्थान) उत्तरकाशी के मजदूरों के सहयोग से खोला जाना है। प्रदेश शासन ने इसी पैच की मानीटरिंग और अन्य व्यवस्थाओं के लिए एसटीएफ का गठन किया है।
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अनुभवी अधिकारियों हैं शामिल
एसटीएफ की टीम में पर्वतारोहण और बर्फ में काम करने के अनुभवी पुलिस अधिकारियों और जवानों को शामिल किया गया है। यह टीम पैदल मार्ग पर काम कर रहे मजदूरों की सहायता भी करेगी। किसी विपरीत परिस्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएगी।
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एसटीएफ निर्माण कार्य की प्रगति की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को देगी। एसटीएफ में डीआईजी जीएस मर्तोलिया के अलावा सीओ रैंक, इंस्पेक्टर, दारोगा, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल रैंक के 39 पुलिस कर्मी शामिल हैं। सभी कर्मियों को 18 मार्च को देहरादून पुलिस लाइन में रिपोर्ट करने को कहा गया है।