पढ़िए, क्या हुआ जब चुपके से 11 श्रद्धालु पहुंचे केदारनाथ
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मौसम खराब होने से लगातार तीसरे दिन भी केदारनाथ यात्रा ठप रही। हालांकि सोनप्रयाग से आगे आवाजाही पर रोक के बावजूद 11 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच गए।
बताया जा रहा है कि मौसम खराब होने पर यह किसी पड़ाव में रुक गए थे और मंगलवार को किसी तरह धाम पहुंच गए।
मंगलवार को भी केदारनाथ धाम में बारिश और बर्फबारी होती रही। धाम में एक फुट से अधिक बर्फ जम गई है। हेलीपैड और पैदल मार्ग बर्फ से ढक गए हैं। पैदल मार्ग पर फिसलन बढ़ गई है। बर्फ से बेस कैंप में पुलिस का एक टैंट धराशायी हो गया।
10 मई से खराब है मौसत
मालूम हो कि धाम में 10 मई की रात से मौसम खराब है। इस वजह से प्रशासन को 11 मई को यात्रा रोकनी पड़ गई थी। तब से लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है।
रोक के बावजूद धाम पहुंचे 11 यात्रियों को पुलिस ने जबरन वापस लाया। अगर समय रहते इस बारे में जानकारी नहीं मिली होती तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
तापमान गिरने से धाम से लिनचोली तक भी बर्फबारी हुई है। इससे मंगलवार को भी यात्रा नहीं चल पाई। धाम में चारों ओर बर्फ जमी हुई है। साथ ही तेज बर्फीली हवाएं चल रही हैं।
यदि रात को आसमान खुलता है, तो दिक्कत और बढ़ जाएगी। रात में पाला गिरने से बर्फ पर चलना मुश्किल हो जाएगा।
नंगे पांव पहुंचे साधु की हालत बिगड़ी
मंगलवार को खराब मौसम में ही एक साधु नंगे पांव और बिना गर्म कपड़ों के धाम में पहुंच गया। ठंड से साधु की हालत खराब हो गई। चौकी इंचार्ज विपिन पाठक ने बताया कि पुलिस ने साधु को गर्म कपड़े पहने के लिए दिए। अब साधु की स्थिति ठीक है।
पैदल मार्ग का कार्य प्रभावित
तीन दिन से हो रही बर्फबारी के कारण पैदल मार्ग बनाने का कार्य प्रभावित हो गया है। गौरीकुंड से रामबाड़ा के बीच पैदल मार्ग पर पत्थर गिर रहे हैं। बारिश होने से मजदूर काम नहीं कर पा रहे हैं। वहीं मार्ग को सीसी (सीमेंट-कंक्रीट) बनाने का काम भी रुका हुआ है।
केदारनाथ में एक फुट तक बर्फ
खराब मौसम को देखते हुए 14 और 15 मई को भी केदारनाथ यात्रा नहीं चलेगी। डीएम डा. राघव लंगर ने बताया कि तीन दिन से केदारनाथ में एक फुट तक बर्फ पड़ी हुई है।
साथ ही बर्फबारी और अतिवृष्टि से मार्ग में फिसलने की आशंका बनी हुई है। 14 व 15 मई को मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए यात्रा रोकने का निर्णय लिया गया है।
अगले दो दिनों तक सोनप्रयाग से आगे यात्रियों की रवानगी नहीं होगी। 15 मई की शाम मौसम की समीक्षा के बाद यात्रा के लिए अगला निर्णय लिया जाएगा।