ऐरी के इस काम से यूकेडी का सपना धड़ाम
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उत्तराखंड क्रांति दल में एकता की तमाम कोशिशें विफल होती दिख रही हैं। त्रिवेंद्र पंवार की तरह अब काशी सिंह ऐरी भी दिवाकर भट्ट से दूरी बनाते दिख रहे हैं।
उक्रांद के वरिष्ठ नेता एकता की बात तो करते हैं लेकिन एका नहीं होने का कारण भी वही हैं। एपी जुयाल की एकता की बुलाई बैठक में दिवाकर भट्ट तो पहुंचे लेकिन न तो ऐरी आए न ही उनके धड़े से कोई प्रतिनिधि पहुंचा।
ऐरी ने दी सफाई
मैं पार्टी के काम से दिल्ली आया हूं। एपी जुयाल की और से निमंत्रण आया था, लेकिन व्यस्तता अधिक होने के चलते बैठक में कोई नहीं जा सका और किसी को भेजा भी नहीं। बावजूद इसके हम चाहते हैं कि दल एक हो।
-काशी सिंह ऐरी, ऐरी धड़े के अध्यक्ष
दिवाकर करेंगे नई शुरूआत
मसूरी में शुक्रवार को हुई एकता की बैठक में ऐरी धड़ा का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। त्रिवेंद्र पंवार पहले ही दिवाकर से एकता की बात को खारिज कर चुके हैं। बैठक में पार्टी के संस्थापक सदस्य डीडी उनियाल, दिवाकर भट्ट, सतीश सेमवाल और डेमोक्रेटिक धड़े के दीपक गैरोला पहुंचे।
ऐरी के कन्नी काटने से बैठक में यह फैसला लिया गया है कि पंवार और ऐरी धड़े के अलावा अन्य सभी धड़े मिलकर एक होंगे और एकता की कोशिशें जारी रखेंगे।
सतीश सेमवाल ने बताया कि बैठक में भले त्रिवेंद्र पंवार और काशी सिंह ऐरी धड़े का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा, लेकिन हमने संयुक्त रूप से यह फैसला लिया है कि अन्य धड़ों को संगठित कर एक किया जाएगा। दिवाकर भट्ट की भूमिका दल को संगठित करने की रहेगी।
खेमे खत्म करना नहीं चाहते वरिष्ठ नेता
उक्रांद के वरिष्ठ नेता ही पार्टी की एकता में सबसे बड़ा रोड़ा बनते दिख रहे हैं। ऐसा नहीं है कि उक्रांद पहले कभी नहीं बंटी, लेकिन दिग्गज आपसी मतभेदों को भुलाने में अहम भूमिका निभा दल को संगठित रखते रहे हैं।
अब बीते तीन वर्ष में दल का स्वरूप ही बदल गया है। पुराने दिग्गज एका की बात करते है, लेकिन एक होने से डरते दिख रहे हैं।
पार्टी में लीडरशिप की दूसरी पौध तैयार करने के बजाए अपना धड़ा बना खुद को उक्रांद का असली वारिस बता राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं।
वर्चस्व खत्म होने का है खौफ
एपी जुयाल ने एक बार फिर उक्रांद को एक करने की मुहिम तो शुरू की, लेकिन अब एक होने की बात करने वाले नेता खुद दूरी बनाए हुए हैं।
अलग खेमा बनाने की नींव दिवाकर भट्ट ने 2011 में रखी। दिवाकर और त्रिवेंद्र पंवार के बीच लंबी खींचतान के बाद काशी सिंह ऐरी ने अपना धड़ा बना दिया।
त्रिवेंद्र पंवार धड़ा दिवाकर और ऐरी से एकता नहीं चाहता। अब ऐरी ने एकता की बैठक से दूर बनाकर अपनी मंशा दिखा दी है। ऐसे में पार्टी के एक होने के कयासों पर विराम लगता दिख रहा है।
पार्टी नेताओं के एक न होने से पार्टी कार्यकर्ता भी बंट गए हैं। दल का जनाधार धड़ों में बंटने से पार्टी का प्रदर्शन हर चुनाव में गिर रहा है, लेकिन कोई भी धड़ा अपना अहं छोड़कर एक होने को तैयार नहीं है।