यहां मुस्लिम विवाहिताएं भी रखती हैं करवाचौथ
पति की लंबी उम्र की कामना के लिए करवा चौथ व्रत रखने वालों में मुसलिम विवाहिताएं भी पीछे नहीं है। पर्व को सामाजिक सौहार्द से जोड़ते हुए करवा चौथ पर वह न सिर्फ अपने शौहर की सलामती के लिए व्रत रखती हैं, बल्कि चांद देखने के साथ उनकी आरती भी उतारती हैं।
अकेले या पड़ोस में सामूहिक प्रार्थना के बाद पति के साथ खाना खाकर व्रत पूरा करना उनके लिए सबसे खुशी की बात होती है।
देहरादून के टर्नर रोड निवासी असमा राव की शादी को 11 साल हो गए हैं। वह शादी के पहले साल से ही करवा चौथ व्रत रख रही है।
असमा बताती हैं, घर पर तो कभी किसी ने यह व्रत नहीं रखा था। शादी के बाद जब मैं यहां आई तो पड़ोस के लोगों को व्रत रखते देखा। मुझे अच्छा लगा तो मैंने भी रुचि दिखाई। पड़ोसियों ने व्रत की पूरी विधि-विधान मुझे सिखा दी है। अब हम सब साथ में व्रत रखकर पूजा करते हैं।
शादी से पहले व्रत रखेंगी नाजिश
माजरा निवासी नाजिश की शादी दिसंबर में है। नाजिश इस बार करवा चौथ व्रत रखेंगी। नाजिश कहती हैं, मुझे बस एक बात पता है कि सबका मालिक एक है। भले नाम अलग-अलग हों। हमेशा से मुझे सभी धर्मों के पर्व मनाने में मजा आता है। घर भी ऐसा ही माहौल है। खुशी है कि मैं दिल से यह व्रत रखकर प्रार्थना करूंगी।
14 वर्षों से भागीदारी कर रहीं शहाना
राजपुर रोड निवासी शहाना रहमान भी सभी धर्मों का आदर करती हैं। शहाना ने बताया कि मैं हर बार करवा चौथ पर पड़ोस की पूजा में शामिल होती हूं। मुझे सबके बीच बैठना और प्रार्थना करना अच्छा लगता है।
हर बार कराती सामूहिक आयोजन
रीठा मंडी निवासी नीशू शर्मा घर पर सामूहिक रूप से करवा चौथ मनाती हैं। नीशू ने बताया कि उनके यहां हिंदुओं से अधिक मुस्लिम महिलाएं आती हैं। वह न सिर्फ पूरी तरह सजकर आती हैं, बल्कि साथ बैठकर कथा भी सुनती हैं। सभी हमारे इस सामूहिक आयोजन की तारीफ करते हैं।