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सालों बाद कार्तिक पूर्णिमा पर बन रहा ऐसा योग
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 15 Nov 2013 03:47 PM IST
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17 नवंबर कार्तिक पूर्णिमा पर 27 साल बाद बेहद शुभ संजोग बन रहा है। इस बन रहे पद्मक योग को पुष्कर स्नान से भी अधिक फलदाई माना जा रहा है।
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पुण्य कमाने का दुर्लभ अवसर
ज्योतिषियों की मानें तो पुण्य कमाने का दुर्लभ अवसर है। 17 नवंबर को है कार्तिक पूर्णिमा का पर्व। इससे पहले 16 नवंबर 1986 को भी यही योग बना था।
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इस बार कार्तिक पूर्णिमा पर रविवार, कृतिका नक्षत्र, सूर्य के विशाखा नक्षत्र होने से पद्मक योग बन रहा है। 17 नवंबर सुबह 8:05 बजे तक भद्रा रहेगी।
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मध्याह्न 3:38 बजे तक वरीयान योग एवं शाम 5:55 बजे तक मेष राशि पर चंद्रमा रहेगा। इसी दिन भीष्म पंचकों की समाप्ति होगी और श्री गुरु नानक जयंती का पर्व होगा। आचार्य भरत राम तिवारी ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा पर पुष्कर स्नान को कई गुना फलदाई माना जाता है लेकिन इस योग में पूजा-अर्चना, व्रत करना पुष्कर स्नान से भी अधिक पुण्यदाई होगा।
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