कांवड़ यात्रा स्थगित: नारसन- पुरकाजी बॉर्डर से 600 और हरिद्वार से 350 यात्रियों को लौटाया
कांवड़ यात्रा स्थगित होने के बाद पुलिस प्रशासन का सबसे अधिक ध्यान यूपी से सटी सीमाओं पर है। कांवड़ यात्रा लेने के लिए बाहरी राज्यों के लोग जिले की सीमा में प्रवेश न करें, इसके लिए बॉर्डर पर सघन चेकिंग के निर्देश गए हैं।
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हरिद्वार में एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने नारसन और यूपी के पुरकाजी बॉर्डर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधीनस्थों को ड्यूटी में लापरवाही न बरतने और हर वाहन की सख्ती से चेकिंग करने के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस ने बॉर्डर पर सख्ती कर रखी है। इसके चलते पुलिस ने भगवानपुर, नारसन और खानपुर बॉर्डर से 600 से अधिक वाहनों को वापस लौटा दिया।
कांवड़ यात्रा स्थगित होने के बाद पुलिस प्रशासन का सबसे अधिक ध्यान यूपी से सटी सीमाओं पर है। कांवड़ यात्रा लेने के लिए बाहरी राज्यों के लोग जिले की सीमा में प्रवेश न करें, इसके लिए बॉर्डर पर सघन चेकिंग के निर्देश गए हैं। पुलिस अधिकारी बॉर्डरों पर खुद नजर रखे हैं। मंगलवार को एसएसपी सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस, एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल समेत अन्य अधिकारियों ने नारसन बॉर्डर का निरीक्षण किया।
इसके बाद वे यूपी के पुरकाजी बॉर्डर पर पहुंचे। यहां उन्होंने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के संबंध में जानकारी ली। साथ ही नारसन बॉर्डर पर तैनात अधीनस्थों को सख्त चेकिंग करने के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस ने मंगलवार को नारसन बॉर्डर से करीब 400 वाहनों को वापस लौटा दिया, जबकि भगवानपुर क्षेत्र के मंडावर और काली नदी चेकपोस्ट पर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। पुलिस ने करीब 150 वाहनों को वापस लौटाया। उधर, खानपुर क्षेत्र में पुलिस ने बॉर्डरों पर 50 से अधिक वाहनों को वापस लौटाया।
यूपी बॉर्डर से लौटाए 185 वाहन
यूपी बॉर्डर से बगैर आरटीपीसीआर रिपोर्ट के पुलिस ने दो दिनों में 185 गाड़ियों में आए लोगों को वापस भेजा है। वहीं, गंगा जल लेने के लिए आ रहे सैकड़ों युवाओं को भी वापस भेजा है। कांवड़ यात्रा स्थगित होने पर गोकुलपुर बॉर्डर व बीरपुर बॉर्डर पर पुलिस टीम ने चेकिंग अभियान चला रखा है। इसमें उन्हीं लोगों को उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश दिया जा रहा है, जो लोग आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखा रहे हैं। झबरेड़ा थाना अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि दोनों बॉर्डर पर दो दिन में 185 वाहनों को वापस भेजा गया है।
हरिद्वार से 350 यात्रियों को लौटाया
ट्रेनों से आने वाले करीब 350 कांवड़ियों और अन्य यात्रियों को हरिद्वार रेलवे स्टेशन से ट्रेनों व शटल बसों के माध्यम से मंगलवार केे भी वापस भेजा गया। जिन सामान्य यात्रियों को लौटाया गया, उनके पास 72 घंटे पूर्व की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट नहीं थी। वहीं, मास्क न लगाने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर भी 78 लोगों का चालान किया गया है।
कांवड़ यात्रा स्थगित होने के बाद ट्रेनों के माध्यम से कांविड़ए सादे कपड़ों में जल लेने के लिए धर्मनगरी आ रहे हैं। ऐसे में जीआरपी लगातार सख्ती बरत रही है। हरिद्वार, ज्वालापुर, रुड़की, लक्सर, मोतीचूर, रायवाला, ऋषिकेश व योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर सख्ती करते हुए कांवड़ियों को वापस भेजा जा रहा है। जीआरपी एएसपी मनोज कात्याल ने बताया कि मंगलवार को हरिद्वार आने वाली ट्रेनों से विभिन्न राज्यों से आए 350 यात्रियों को शटल बस से वापस भेजा गया।
योग नगरी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश पर आने वाली ट्रेनों से विभिन्न राज्यों से कांवड़ यात्रा के लिए आए 13 व्यक्तियों को पहचान कर परिवहन विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई बसों से व रुड़की स्टेशन से 10 यात्रियों को वापस किया गया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए यात्रियों को अपने-अपने राज्य में वापस जाने के बाद कांवड़ मेला बंद होने के बारे जानकारी देने के लिए भी कहा गया।
हरिद्वार में 1300 की हुई कोरोना जांच
धर्मनगरी में ट्रेनों से आने वाले यात्रियों की कोरोना जांच भी कराई जा रही है। रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को 1300 यात्रियों की कोरोना जांच हुई। इसके साथ ही रुड़की रेलवे स्टेशन पर 179 व ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर 117 यात्रियों की जांच की गई।
बॉर्डर से 99 वाहनों को भेजा वापस
कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित होने के बाद बॉर्डर पर लगातार सख्ती बरती जा रही है। चिड़ियापुर व लाहड़पुर बॉर्डर पर लगातार सख्ती की जा रही है। श्यामपुर थाना प्रभारी अनिल चौहान ने बताया कि मंगलवार को चिड़ियापुर से 64 व लाहड़पुर से 35 वाहनों को लौटाया गया है। इसके साथ ही जो यात्री आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट नहीं दिखा रहे हैं। उनको भी वापस किया जा रहा है।