फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Joshimath Is Sinking THDC is now responsible for DPR of soil erosion in Joshimath uttarakhand news in hindi

Joshimath Is Sinking: अलकनंदा और धौली गंगा नदी से हो रहा कटाव बना मुसीबत, अब THDC भू-कटाव की डीपीआर का जिम्मा

Fri, 03 Feb 2023 02:47 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 03 Feb 2023 02:47 PM IST
सार

अलकनंदा नदी के किनारे 900 मीटर और धौलीगंगा नदी तट पर 300 मीटर लंबी और करीब आठ मीटर ऊंची कंक्रीट की दीवार बनाने की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बना दी गई। शासन स्तर पर इस डीपीआर का प्रस्तुतिकरण भी हुआ। लेकिन इसे तकनीकी और व्यावहारिक रूप से उतना प्रभावशाली नहीं माना गया।

विज्ञापन
Joshimath Is Sinking THDC is now responsible for DPR of soil erosion in Joshimath uttarakhand news in hindi
जोशीमठ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जोशीमठ में अलकनंदा और धौली गंगा नदी से हो रहे कटाव को रोकने के लिए अब टीएचडीसी इंडिया लि. विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगा। शासन ने यह काम प्रदेश के सिंचाई विभाग को सौंपा था। लेकिन विभाग की डीपीआर शासन को पसंद नहीं आई। सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने टीएचडीसी को डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी दिए जाने की पुष्टि की है।

विज्ञापन

जोशीमठ भू-धंसाव के लिए जिन कारणों को माना जा रहा है, उनमें एक कारण शहर की तलहटी में बह रही अलकनंदा और धौली गंगा नदियां से हो रहा कटाव भी है। इस समस्या का समाधान करने के लिए प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कार्ययोजना तैयार करने के लिए सिंचाई विभाग को डीपीआर बनाने का जिम्मा सौंपने का निर्णय लिया था।

विज्ञापन


विभाग ने डीपीआर तैयार कर दी थी। इसके तहत अलकनंदा नदी के किनारे 900 मीटर और धौलीगंगा नदी तट पर 300 मीटर लंबी और करीब आठ मीटर ऊंची कंक्रीट की दीवार बनाने की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बना दी गई। शासन स्तर पर इस डीपीआर का प्रस्तुतिकरण भी हुआ। लेकिन इसे तकनीकी और व्यावहारिक रूप से उतना प्रभावशाली नहीं माना गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा के मुताबिक, डीपीआर बनाने का काम अब टीएचडीसी को दिया जा रहा है। टीएचडीसी की टीम जोशीमठ जाकर सर्वे करेगी। साथ ही वहां हो रही तकनीकी जांच रिपोर्ट का भी आकलन करेगी। दोनों रिपोर्ट के आधार पर डीपीआर तैयार की जाएगी।


ये भी पढ़ें...Abhilash Thapliyal: सीधी बात...पहाड़ी अंदाज... सुर्खियों में एस्पिरेंट्स फेम एसके सर, जोशीमठ के लिए छलका दर्द

सिंचाई विभाग ही करेगा काम

जोशीमठ की तलहटी में हो रहे कटाव को रोकने के लिए टीएचडीसी डीपीआर तैयार करेगा। इस डीपीआर के आधार पर काम सिंचाई विभाग को ही दिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed