Joshimath Is Sinking: भू-धंसाव से 863 भवनों में आईं दरारें, फाइनल रिपोर्ट आते ही दिया जाएगा मुआवजा
शासन की ओर से कैबिनेट की मंजूरी के बाद जोशीमठ आपदा प्रभावितों के लिए भवनों की मुआवजा नीति जारी की जा चुकी है।
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जोशीमठ आपदा प्रभावित परिवारों के क्षतिग्रस्त भवनों का मुआवजा तकनीकी संस्थानों की फाइनल रिपोर्ट आते ही बंटना शुरू हो जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से चमोली जिला प्रशासन को एक-एक आपदा प्रभावित परिवार का पूरा ब्योरा तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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शासन की ओर से कैबिनेट की मंजूरी के बाद जोशीमठ आपदा प्रभावितों के लिए भवनों की मुआवजा नीति जारी की जा चुकी है। इसके तहत आवासीय भवनों के लिए 31 हजार 201 रुपये प्रति वर्गमीटर से लेकर 36 हजार 527 रुपये प्रतिवर्ग मीटर मुआवजा तय किय गया है। जबकि व्यावसायिक भवनों के लिए 39 हजार 182 रुपये प्रति वर्गमीटर से लेकर 46 हजार 99 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा की दरें तय की गई हैं।
इस संबंध में सचिव आपदा प्रबंधन विभाग डॉ.रंजीत सिन्हा ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में कार्रवाई शुरू भी कर दी गई है। जैसे ही तकनीकी संस्थाओं की रिपोर्ट शासन को प्राप्त होगी, अगले दिन से ही मुआवजा राशि बांटने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
863 भवनों में दरारें आईं
बताते चलें कि जोशीमठ में गांधीनगर वार्ड में एक, सिंहधार वार्ड में दो, मनोहरबाग वार्ड में पांच और सुनील वार्ड में सात क्षेत्रों को प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया है। यहां 863 भवनों में दरारें आईं हैं। इनमें से 181 भवनों को पूरी तरह से असुरक्षित घोषित किया गया है।
जिला प्रशासन की ओर से असुरक्षित क्षेत्र के 253 परिवारों के 920 सदस्यों को अस्थायी शिविरों में विस्थापित किया गया है। इसके अलावा 43 परिवार ऐसे हैं, जो रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं, जबकि 75 परिवार किराये के भवनों में चले गए हैं।