फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Joshimath Is Sinking cracks in 863 buildings compensation will be given as soon as final report comes

Joshimath Is Sinking: भू-धंसाव से 863 भवनों में आईं दरारें, फाइनल रिपोर्ट आते ही दिया जाएगा मुआवजा

Tue, 28 Feb 2023 03:00 AM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 28 Feb 2023 03:00 AM IST
सार

शासन की ओर से कैबिनेट की मंजूरी के बाद जोशीमठ आपदा प्रभावितों के लिए भवनों की मुआवजा नीति जारी की जा चुकी है।

विज्ञापन
Joshimath Is Sinking cracks in 863 buildings compensation will be given as soon as final report comes
जोशीमठ में तिरछे हुए घर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जोशीमठ आपदा प्रभावित परिवारों के क्षतिग्रस्त भवनों का मुआवजा तकनीकी संस्थानों की फाइनल रिपोर्ट आते ही बंटना शुरू हो जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से चमोली जिला प्रशासन को एक-एक आपदा प्रभावित परिवार का पूरा ब्योरा तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

विज्ञापन


Joshimath: बदरीनाथ हाईवे पर फिर हुआ गड्ढा, सड़क धंसने से नृसिंह मंदिर मार्ग पर रोकी बड़े वाहनों की आवाजाही
विज्ञापन


शासन की ओर से कैबिनेट की मंजूरी के बाद जोशीमठ आपदा प्रभावितों के लिए भवनों की मुआवजा नीति जारी की जा चुकी है। इसके तहत आवासीय भवनों के लिए 31 हजार 201 रुपये प्रति वर्गमीटर से लेकर 36 हजार 527 रुपये प्रतिवर्ग मीटर मुआवजा तय किय गया है। जबकि व्यावसायिक भवनों के लिए 39 हजार 182 रुपये प्रति वर्गमीटर से लेकर 46 हजार 99 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा की दरें तय की गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस संबंध में सचिव आपदा प्रबंधन विभाग डॉ.रंजीत सिन्हा ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में कार्रवाई शुरू भी कर दी गई है। जैसे ही तकनीकी संस्थाओं की रिपोर्ट शासन को प्राप्त होगी, अगले दिन से ही मुआवजा राशि बांटने का काम शुरू कर दिया जाएगा।

863 भवनों में दरारें आईं

बताते चलें कि जोशीमठ में गांधीनगर वार्ड में एक, सिंहधार वार्ड में दो, मनोहरबाग वार्ड में पांच और सुनील वार्ड में सात क्षेत्रों को प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया है। यहां 863 भवनों में दरारें आईं हैं। इनमें से 181 भवनों को पूरी तरह से असुरक्षित घोषित किया गया है।

जिला प्रशासन की ओर से असुरक्षित क्षेत्र के 253 परिवारों के 920 सदस्यों को अस्थायी शिविरों में विस्थापित किया गया है। इसके अलावा 43 परिवार ऐसे हैं, जो रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं, जबकि 75 परिवार किराये के भवनों में चले गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed