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Dehradun News: उत्तरी ध्रुव की यात्रा पर जौनसार का लाल, वैज्ञानिक अभियान में भारत का प्रतिनिधित्व
Wed, 05 Aug 2026 11:27 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Wed, 05 Aug 2026 11:27 PM IST
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मूल रूप से चकराता तहसील के रजाणू गांव निवासी लक्की रावत (16) 10 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक एवं शैक्षिक अभियान ''''आइसब्रेकर ऑफ नॉलेज'''' में भारत के एकमात्र छात्र प्रतिनिधि के रूप में भाग ले रहे हैं। सेपियंस स्कूल विकासनगर में कक्षा 10 के छात्र लक्की इन दिनों रूस से न्यूक्लियर आइसब्रेकर पोत ''''50 लेट पोबेडी'''' पर 22 देशों के विद्यार्थियों के साथ उत्तरी ध्रुव की ऐतिहासिक यात्रा पर हैं।
रूस के मुरमान्स्क स्थित एफएसयूई एटमफ्लोट बेस से शुरू हुए इस अभियान में भारत, रूस, चीन और बांग्लादेश सहित 22 देशों के 14 से 16 वर्ष आयु वर्ग के मेधावी छात्र शामिल हैं। तीन कठिन चरणों की चयन प्रक्रिया के बाद प्रत्येक देश से केवल एक छात्र का चयन हुआ है। अभियान के दौरान लक्की 90 डिग्री उत्तरी अक्षांश तक की समुद्री यात्रा करते हुए आर्कटिक, जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियरों और समुद्री विज्ञान से जुड़े विषयों का अध्ययन कर रहे हैं।
लक्की के पिता राम सिंह रावत सरकारी सस्ते गल्ले के विक्रेता और माता गीता रावत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। परिवार वर्तमान में विकासनगर के दिनकर विहार में रहता है। लक्की अपने पिता के साथ दिल्ली से मॉस्को और वहां से मुरमान्स्क पहुंचे थे। पिता मुरमान्स्क शहर में ही ठहरे हैं, जबकि लक्की पोत पर वैज्ञानिक गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। दोनों 16 अगस्त को भारत लौटेंगे। क्षेत्र के चार खत कंडमाण के सदर स्याणा शमशेर सिंह चौहान और सामाजिक कार्यकर्ता नीरज नौटियाल ने इस उपलब्धि को पूरे उत्तराखंड के लिए गौरवपूर्ण बताया है।
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इसरो के युविका कार्यक्रम के लिए भी हुआ था चयन
विकासनगर। सेपियंस स्कूल प्रबंधन के अनुसार, मेधावी छात्र लक्की रावत का चयन इसी वर्ष इसरो के प्रतिष्ठित ''''युविका'''' कार्यक्रम के लिए भी हुआ था। उनकी इस नई अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर विद्यालय के प्रबंधक रविकांत सपरा, अध्यक्ष इंदिरा रानी, रशिता सपरा, निदेशिका रश्मि गोयल, प्रधानाचार्य नवीन तनेजा, हरबर्टपुर शाखा की प्रधानाचार्या गीता नेगी, एसएपी नंदी बिष्ट, अश्विनी कुमार, सुमालती उनियाल और बेबी राठौर सहित समस्त शिक्षकों ने शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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रूस के मुरमान्स्क स्थित एफएसयूई एटमफ्लोट बेस से शुरू हुए इस अभियान में भारत, रूस, चीन और बांग्लादेश सहित 22 देशों के 14 से 16 वर्ष आयु वर्ग के मेधावी छात्र शामिल हैं। तीन कठिन चरणों की चयन प्रक्रिया के बाद प्रत्येक देश से केवल एक छात्र का चयन हुआ है। अभियान के दौरान लक्की 90 डिग्री उत्तरी अक्षांश तक की समुद्री यात्रा करते हुए आर्कटिक, जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियरों और समुद्री विज्ञान से जुड़े विषयों का अध्ययन कर रहे हैं।
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लक्की के पिता राम सिंह रावत सरकारी सस्ते गल्ले के विक्रेता और माता गीता रावत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। परिवार वर्तमान में विकासनगर के दिनकर विहार में रहता है। लक्की अपने पिता के साथ दिल्ली से मॉस्को और वहां से मुरमान्स्क पहुंचे थे। पिता मुरमान्स्क शहर में ही ठहरे हैं, जबकि लक्की पोत पर वैज्ञानिक गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। दोनों 16 अगस्त को भारत लौटेंगे। क्षेत्र के चार खत कंडमाण के सदर स्याणा शमशेर सिंह चौहान और सामाजिक कार्यकर्ता नीरज नौटियाल ने इस उपलब्धि को पूरे उत्तराखंड के लिए गौरवपूर्ण बताया है।
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इसरो के युविका कार्यक्रम के लिए भी हुआ था चयन
विकासनगर। सेपियंस स्कूल प्रबंधन के अनुसार, मेधावी छात्र लक्की रावत का चयन इसी वर्ष इसरो के प्रतिष्ठित ''''युविका'''' कार्यक्रम के लिए भी हुआ था। उनकी इस नई अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर विद्यालय के प्रबंधक रविकांत सपरा, अध्यक्ष इंदिरा रानी, रशिता सपरा, निदेशिका रश्मि गोयल, प्रधानाचार्य नवीन तनेजा, हरबर्टपुर शाखा की प्रधानाचार्या गीता नेगी, एसएपी नंदी बिष्ट, अश्विनी कुमार, सुमालती उनियाल और बेबी राठौर सहित समस्त शिक्षकों ने शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।