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Dehradun News: प्रतिबंधित क्षेत्र में स्टोन क्रेशर आवंटित किए जाने का विरोध
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Iनेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड की अनुमति भी जरूरी : नेगी
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Iजन संघर्ष मोर्चा ने की आवंटन निरस्त करने की मांगI
जन संघर्ष मोर्चा ने आसन कंजर्वेशन रिजर्व के 10 किमी दायरे में स्टोन क्रेशर लगाए जाने का विरोध किया है। मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से कहा कि अधिकारियों ने सरकार को गुमराह कर नियम विरुद्ध आसन कंजर्वेशन रिजर्व के 10 किमी दायरे के भीतर लाइसेंस जारी कर स्टोन क्रेशर स्थापित कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2 (24क) के तहत आसन कंजर्वेशन रिजर्व को बहुत ही संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है। उच्च न्यायालय ने जनहित याचिका पर वर्ष 2014 में 10 किमी की परिधि के भीतर बिना नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड की अनुमति के किसी भी प्रकार की खनन से संबंधित गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, बावजूद अधिकारियों ने स्टोन क्रेशर के पक्ष में रिपोर्ट लगा दी।
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जिस पर सरकार ने प्रतिबंधित दायरे में आधा दर्जन से अधिक क्रेशर आवंटित कर दिए। इसके लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की अनुमति भी जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। कहा कि अधिकारी जहां आमजन की पत्रावलियों पर आपत्ति लगा कर उन्हें परेशान करते हैं, वहीं पर्यावरण जैसे गंभीर विषय पर खनन कारोबारियों के पक्ष में रिपोर्ट लगाकर क्रेशर आवंटित कर दिए गए है। कहा कि आवंटन निरस्त न होने पर मोर्चा न्यायालय की शरण में जाएगा।
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