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Uttarakhand: प्रदेश की 21 जलविद्युत परियोजनाओं पर जलशक्ति मंत्रालय का अड़ंगा, अंतिम फैसला पीएमओ पर छोड़ा

Sat, 08 Jul 2023 07:38 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 08 Jul 2023 07:38 AM IST
सार

परियोजनाओं को शुरू करने की कवायद लगातार चल रही है। इनमें से 11 जल विद्युत परियोजनाएं तो ऐसी हैं, जिन पर कोई विवाद नहीं है। 10 परियोजनाएं ऐसी हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट की एक्सपर्ट बॉडी-2 ने हरी झंडी दिखाई थी। 

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Jal Shakti Ministry obstruction on 21 hydroelectric projects Final decision left on PMO Dehradun Uttarakhand
सीएम धामी - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रदेश में 2123.6 मेगावाट क्षमता की 21 जल विद्युत परियोजनाओं का निर्माण शुरू करने के उत्तराखंड के अनुरोध पर जल शक्ति मंत्रालय ने अडंगा लगा दिया है। अब पीएमओ सुप्रीम कोर्ट की एक्सपर्ट बॉडी-2 की रिपोर्ट व मंत्रालयों के जवाब के आधार पर इस मामले में निर्णय लेगा।

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प्रदेश में करीब 40 नई प्रस्तावित जल विद्युत परियोजनाओं पर लंबे समय से रोक लगी हुई है। इन परियोजनाओं को शुरू करने की कवायद लगातार चल रही है। इनमें से 11 जल विद्युत परियोजनाएं तो ऐसी हैं, जिन पर कोई विवाद नहीं है। 10 परियोजनाएं ऐसी हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट की एक्सपर्ट बॉडी-2 ने हरी झंडी दिखाई थी। कुल मिलाकर 21 परियोजनाओं के निर्माण की अनुमति के लिए शुक्रवार को प्रधानमंत्री कार्यालय(पीएमओ) में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा की अध्यक्षता में बैठक हुई।

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बैठक में ऊर्जा मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय, केंद्रीय वन एवं जलवायु पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में उत्तराखंड के मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने प्रदेश में बिजली जरूरतों के मद्देनजर 2123.6 मेगावाट की 21 जल विद्युत परियोजनाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के निर्माण से प्रदेश में बिजली किल्लत दूर होने के साथ ही राजस्व बढ़ोतरी भी होगी।

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निर्माण के सकारात्मक संकेत दिए
जानकारी के मुताबिक, ऊर्जा मंत्रालय ने उत्तराखंड के प्रस्ताव को समर्थन दिया लेकिन जल शक्ति मंत्रालय ने नदियों के प्रवाह संबंधी कई मसलों को लेकर इसमें अड़ंगा लगा दिया। सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम से बताया कि फिलहाल पीएमओ ने सभी पक्षों को ले लिया है। इसी हिसाब से अब पीएमओ इस पर निर्णय लेगा। उन्होंने इन परियोजनाओं के निर्माण के सकारात्मक संकेत दिए।

ये हैं प्रस्तावित जल विद्युत परियोजनाएं

गैर विवादित परियोजनाएं व उनकी क्षमता

परियोजना का नाम- नदी का नाम- क्षमता(मेगावाट में)

बावला नंदप्रयाग- अलकनंदा- 300

भिलंगना 2ए- भिलंगना- 24

देवसारी- पिंडर- 252

नंदप्रयाग लगासू- अलकनंदा- 100

भिलंगना 2बी- भिलंगना- 24

मेलखेत- पिंडर- 24.3

देवाली- नंदाकिनी- 13

कैलगंगा- कैलगंगा- 5

कोट बूढ़ा केदार- बाल गंगा- 6

भिलंगना 2सी- भिलंगना- 21

सुवारी गाड- सुवारी गाड- 2

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सुप्रीम कोर्ट की एक्सपर्ट बॉडी ने इन्हें दी है हरी झंडी

परियोजना का नाम- नदी का नाम- क्षमता(मेगावाट में)

लता तपोवन- धौलीगंगा- 171

कोटलीभेल 1ए- भागीरथी- 195

तमकलता- धौलीगंगा- 190

अलकनंदा- अलकनंदा- 300

कोटलीभेल 1बी- अलकनंदा- 320

भ्यूंदर गैंग- भ्यूंदर गैंग- 24.3

खिराओगंगा- खिराओगंगा- 4

झालाकोटि- धरम गंगा- 12.5

उर्गम-2- कल्पगंगा- 7.5

झेलम तमक- धौलीगंगा- 128


 

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