82 की विमला, 72 में किया पहला वोट
प्रख्यात पर्यावरणविद् सुंदर लाल बहुगुणा की पत्नी विमला बहुगुणा खुद भी सामाजिक सरोकारों के प्रति बेहद जागरूक हैं।
82 साल की विमला को लोकतंत्र में पूरा यकीन है, अलबत्ता स्वयं उन्होंने मतदान बहुत कम किया है। इसके नाम पर 10 साल पहले 2004 में लोकसभा चुनाव के दौरान टिहरी में किया वोट याद आता है।
विमला कहती हैं कि चुनाव में खड़े उम्मीदवारों और उनके मुद्दों में समाज के प्रति प्रतिबद्धता का न झलकना मत न करने की प्रमुख वजह रही।
उन्हें इस बात का दुख है कि मद्य निषेध और खास तौर पर महिलाओं के सशक्तिकरण पर कोई भी पार्टी गंभीर नहीं।
शराब है पहाड़ की समस्याओं की जड़
विमला बहुगुणा के अनुसार पहाड़ में ज्यादातर समस्याओं की जड़ शराब है। इसके चलते न तो महिला की मेहनत सराही जाती है और न ही घर की आर्थिक स्थिति ही सुधर पाती है। वह मार-पीट की भागी बनती है, सो अलग।
विमला के मुताबिक बच्चे पहाड़ से पलायन कर जाते हैं पर स्त्री की दशा नहीं बदलती।
24 साल की थीं, जब शादी हुई। महज आठवीं तक शिक्षा पाई। टिहरी में राजशाही देखी। चाहती थी कि जन प्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह बने। यह जवाबदेही कभी देखी नहीं।
आज स्थिति अलग है। नोटा जैसे विकल्प मौजूद हैं। इसलिए घर से बाहर निकल वोट करने जरूर जाएं। प्रत्याशी पसंद न हो तो नोटा दबाएं। यह सामाजिक, राजनीतिक बदलाव लाने में कारगर साबित होगा।