अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव: सीएम योगी ने किया शुभारंभ, 11 देशों और नौ राज्यों से पहुंचे साधक
- ऋषिकेश मुनिकीरेती में गंगा तट पर गंगा रिसार्ट में सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव शुरू
- अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में 11 देशो और नौ राज्यों के योगाचार्य, शिक्षकों एवं योग प्रेमी कर रहे प्रतिभाग
- पहले दिन 800 देशी-विदेशी योग साधकों और प्रशिक्षुओं ने कराया पंजीकरण, धूमधाम से शुभारंभ
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योग को बढ़ावा देने के लिए ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड को योग की उद्गम स्थली बताया। उन्होंने कहा योग जैसी आध्यात्म और पवित्र विद्या को दुनिया भर में पहुंचाने और योग का विश्व गुरु बनने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अथक प्रयास रहा है।
आज ऋषिकेश विश्व पटल पर योग के केंद्र बिंदु के रूप में उभरा है। इससे पूर्व मुनिकीरेती में गंगा तट पर गंगा रिजॉर्ट में सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से किया।
योगी आदित्यनाथ ने योग को स्वस्थ व निरोगी रहने का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि योग करने से शरीर को व्याधियों और विकृतियों से मुक्ति मिलती है। वर्तमान में उत्तराखंड के योग साधक योग की विधाओं से पूरे विश्व में अपना परचम लहरा रहे हैं। भारत में ऋषि की परंपरा एव साधना के परिणामस्वरुप योग का उत्थान जीवों के कल्याण के लिए हुआ है।
उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत की सराहना करते हुए कहा कि यदि स्वच्छता के बाद योग को अपनाया जाए तो अनेक बीमारियों से निजात मिल सकती है। स्वच्छ काया में योग के माध्यम से शारीरिक, मानसिक मजबूती एवं प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विश्व का कोई भी देश जब योग परंपरा से जुड़ता है, तो वह भारत की आत्मीयता से जुड़ता है और यह बात देश को गौरवांन्वित करती है।
योग को पर्यटन से जोड़ने की पहल
इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि योग से भारत ने पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि योग महोत्सव में विश्व के 11 देशो एवं देश के नौ राज्यों के योगाचार्यों, शिक्षक एवं योग प्रेमियों ने प्रतिभाग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि उत्तराखंड को योग के हब और ऋषिकेश को विश्व योग के केंद्र बिंदु के रुप में स्थापित करने के लिए सरकार ने व्यापक स्तर पर कार्य किया है। योग को पर्यटन से जोड़ने और योग के साथ-साथ पर्यटन हब के रुप में उत्तराखंड को विकसित करने के लिए सरकार व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर विस अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि दिनों दिन यहां योग के लिए बड़ी संख्या में साधक पहुंच रहे हैं। योग के माध्यम से पूरे विश्व में उत्तराखंड के योग प्रशिक्षकों को अलग पहचान मिली है। इस अवसर पर जूना अखाड़ा पीठाधीश्वर महंत अवधेशानंद गिरी, ग्रैंड मास्टर अक्षत, जीवन प्रबंधन के गुरु गौर गोपाल, योगिनी उषा माता आदि ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत, जीएमवीएन अध्यक्ष महावीर सिंह रांगड़, मेयर अनिता ममगाईं, नगर पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी, पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर, जीएमवीएन निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव, एडिशनल सेकेट्री यूपी अवनीश अवस्थी, डीएम टिहरी वी षणमुगम, राज्यमंत्री भगतराम कोठारी, कृष्ण कुमार सिंघल, एसएसपी टिहरी योगेंद्र सिंह रावत, सीओ प्रमोद शाह, थाना प्रभारी आरके सकलानी, पीआरओ पर्यटन आरपी ढौंडियाल आदि उपस्थित थे।
योगी ने सुनाया गोरखपुर का वाक्या
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योग के साथ स्वच्छ भारत मिशन को घर-घर पहुंचाने की अपील की। उन्होंने गोरखपुर जिले मेें पूर्व में कई वर्षों से गंदगी फैलाने वाली बीमारियों से हो रही मासूम बच्चों की मौतों का वाक्या भी सुनाया। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन की सहायता से ही वर्तमान समय में गोरखपुर में मासूम बच्चों की मौत पर नियंत्रण पाया जा सका है।