अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव: कोरोनावायरस से घबराने की जरूरत नहीं, जरूरत है योग अपनाने की - बालकृष्ण

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश Updated Sat, 07 Mar 2020 02:53 PM IST
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International yoga festival 2020: kailash kher Performance in rishikesh
- फोटो : अमर उजाला

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सार

  • परमार्थ निकेतन में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में पहुंचे सूफी गायक कैलाश खेर
  • प्रात:कालीन योग सत्र में योग साधकों ने किया विभिन्न योगिक क्रियाओं का अभ्यास

विस्तार

ऋषिकेश परमार्थ निकेतन में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के समापन अवसर पर शनिवार को पतंजलि योगपीठ के कुलपति आचार्य बालकृष्ण, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज तथा प्रसिद्ध भजन गयिका अनुराधा पौडवाल पहुंची। 
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इस दौरान आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि कोरोनावायरस से घबराने की जरूरत नहीं है। जरूरत है तो योग को प्रतिदिन अपने जीवन में उतारने की। प्राणायाम, कपालभाती तथा अनुलोम-विलोम को दैनिक जीवन में अपनाए। किसी भी तरह की बीमारी आपको नहीं छुएगी। महोत्सव में अनुराधा पौडवाल ने अपने भजनों से भक्ति का रंग भरा।
योग एक-दूसरे से जुड़ने और जोड़ने का श्रेष्ठ माध्यम : राष्ट्रपति 
परमार्थ निकेतन में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के सफल संपन्न होने पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने परमार्थ निकेतन को शुभकामना संदेश भेजा है। शुभकामना संदेश में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि योग एक दूसरे से जुड़ने और जोड़ने का श्रेष्ठ माध्यम है। भोजन, भजन, जागना, सोना और जो भी हम अन्य कार्य करते हैं, वह योग की ही श्रेणी में आता है।
 
शनिवार को परमार्थ निकेतन में सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव संपन्न हो गया। योग महोत्सव में विश्व के 73 देशों से आए योगाचार्यों और योग साधकों ने प्रतिभाग किया। योग महोत्सव के समापन समारोह में पंतजंलि योगपीठ के महासचिव आचार्य बालकृष्ण, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, साध्वी भगवती सरस्वती, एक नई सोच के लेखक रेवरेन्ड माइकल बेकविथ, संगीतकार रिकी बायरस बेकविथ, अमेरिकी जीव वैज्ञानिक डॉ. ब्रूस लिप्टन, ऑर्गेनिक इंडिया के प्रमुख भारत मित्रा ने देश विदेश से आए योग साधकों को योग की विद्याओं से रूबरू कराया।

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने योग साधकों को संदेश दिया कि मां गंगा के तट से हिमालय जैसा बड़ा विजन लेकर जाएं। मां गंगा के तट से योग साधक संकल्प करें कि पर्यावरण संरक्षण को बनाए रखने के लिए हम अपना योगदान प्रदान करेंगे। हमारे पास जो भी तकनीक है, ज्ञान है उसे दुनियां में शांति और सद्भाव की स्थापना के लिए लगाएं।
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योग साधकों ने जमकर नृत्य किया

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