अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव: कोरोनावायरस से घबराने की जरूरत नहीं, जरूरत है योग अपनाने की - बालकृष्ण
- परमार्थ निकेतन में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में पहुंचे सूफी गायक कैलाश खेर
- प्रात:कालीन योग सत्र में योग साधकों ने किया विभिन्न योगिक क्रियाओं का अभ्यास
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ऋषिकेश परमार्थ निकेतन में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के समापन अवसर पर शनिवार को पतंजलि योगपीठ के कुलपति आचार्य बालकृष्ण, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज तथा प्रसिद्ध भजन गयिका अनुराधा पौडवाल पहुंची।
इस दौरान आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि कोरोनावायरस से घबराने की जरूरत नहीं है। जरूरत है तो योग को प्रतिदिन अपने जीवन में उतारने की। प्राणायाम, कपालभाती तथा अनुलोम-विलोम को दैनिक जीवन में अपनाए। किसी भी तरह की बीमारी आपको नहीं छुएगी। महोत्सव में अनुराधा पौडवाल ने अपने भजनों से भक्ति का रंग भरा।
योग एक-दूसरे से जुड़ने और जोड़ने का श्रेष्ठ माध्यम : राष्ट्रपति
परमार्थ निकेतन में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के सफल संपन्न होने पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने परमार्थ निकेतन को शुभकामना संदेश भेजा है। शुभकामना संदेश में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि योग एक दूसरे से जुड़ने और जोड़ने का श्रेष्ठ माध्यम है। भोजन, भजन, जागना, सोना और जो भी हम अन्य कार्य करते हैं, वह योग की ही श्रेणी में आता है।
शनिवार को परमार्थ निकेतन में सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव संपन्न हो गया। योग महोत्सव में विश्व के 73 देशों से आए योगाचार्यों और योग साधकों ने प्रतिभाग किया। योग महोत्सव के समापन समारोह में पंतजंलि योगपीठ के महासचिव आचार्य बालकृष्ण, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, साध्वी भगवती सरस्वती, एक नई सोच के लेखक रेवरेन्ड माइकल बेकविथ, संगीतकार रिकी बायरस बेकविथ, अमेरिकी जीव वैज्ञानिक डॉ. ब्रूस लिप्टन, ऑर्गेनिक इंडिया के प्रमुख भारत मित्रा ने देश विदेश से आए योग साधकों को योग की विद्याओं से रूबरू कराया।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने योग साधकों को संदेश दिया कि मां गंगा के तट से हिमालय जैसा बड़ा विजन लेकर जाएं। मां गंगा के तट से योग साधक संकल्प करें कि पर्यावरण संरक्षण को बनाए रखने के लिए हम अपना योगदान प्रदान करेंगे। हमारे पास जो भी तकनीक है, ज्ञान है उसे दुनियां में शांति और सद्भाव की स्थापना के लिए लगाएं।
योग साधकों ने जमकर नृत्य किया
इससे पहले महोत्सव के पांचवें दिन शुक्रवार को योग साधकों ने सूफी गायक कैलाश खेर और कैलासा बैंड के सूफी संगीत का आनंद लिया। कैलाश खेर के गीतों पर देश-विदेश से आए योग साधक जमकर झूमे।बॉलीवुड गायक कैलाश खेर अपने बैंड कैलाशा के साथ परमार्थ निकेतन पहुंचे। परमार्थ निकेतन के ऋषिकुमारों ने वेद मंत्रों और शंख ध्वनि के साथ उनका स्वागत किया। परमार्थ निकेतन में आज की शाम सूफी संगीत कैलाश खेर के नाम रही।
कैलाश खेर की आवाज पर योग साधकों ने जमकर नृत्य किया। इस अवसर पर स्वामी चिदानंद सरस्वती, साध्वी भगवती सरस्वती, रेवरेंड माइकल बेकविथ, संगीतकार रिकी बायरस बेकविथ, अमेरिकी जीव वैज्ञानिक डॉ. ब्रूस लिप्टन, भारत मित्रा सहित योगाचार्यो और योग साधकों ने भी कैलासा बैंड की जोरदार प्रस्तुति का आनंद लिया।
सांयकालीन संगीत कलामंच में कीर्तन टीम की ओर से मंत्र उच्चारण और हार्ट ओपन कीर्तन, इजरायल से आए विख्यात संगीतज्ञ गिल रान शामा ने हिब्रु और हिंदी भाषा में विशेष प्रस्तुति। गुजरात से आए प्रख्यात नृत्यावली ग्रुप के भरत बारिया, अक्षय पटेल, मीनाक्षी पटेल, रविता बारिया और यश बारिया ने संयुक्त रूप से भारतीय क्लासिकल नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी।
साधकों को कराया प्रात: कालीन योगाभ्यास
प्रात:कालीन योग सत्र में योगाचार्यो ने योग साधकों को अष्टांग योग, अयंगार योग, हठ योग, राज योग, भक्ति योग, कर्मयोग, गंगा योग, विन्यास योग, कुंडलिनी योग, जीवमुक्ति योग, सिंतोह योग, सेमैटिक योग, लीला योग, डीप योग आदि का अभ्यास कराया।
इसके अलावा विशेष अभ्यास सत्र में कैटी बी हैप्पी ने विन्यास योग, गंगा नंदिनी ने योगा फॉर ऑल सूक्ष्म व्यायाम, योगाचार्य इंदु शर्मा ने पारंपरिक हठयोग, योगाचार्य संदीप देसाई ने अष्टांग योग, चीन से आये भारतीय मूल के योगाचार्य मोहन भंडारी ने फ्लो ऑफ योगी सुधार और विस्तार, अमेरिकी योगाचार्य एवं संगीतज्ञ आनंद्रा जार्ज ने सूर्य उदय नाद योग साधना, योगाचार्य बेथ शॉ ने योग के माध्यम से आघात चिकित्सा, योगाचार्य एचयू एसयू अरूण ने ताड़ासन से सभी आसनों का नेतृत्व, योगाचार्य कीया मिलर ने कुंडलिनी जागरण आदि का अभ्यास कराकर उसकी जानकारी दी।